अमेरिकी मीडिया ने 2026 के मिड-टर्म चुनावों को ट्रंप और रिपब्लिकन पार्टी के लिए एक “ऐतिहासिक जनमत संग्रह” और “भूस्खलन” करार दिया है, जिसमें डेमोक्रेट्स ने कांग्रेस के दोनों सदनों पर कब्जा कर लिया है।
वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ): “ट्रंप के खिलाफ फैसले का पल” WSJ ने इसे सामान्य मिड-टर्म हार से बड़ा बताया, क्योंकि रिपब्लिकन ने पारंपरिक गढ़ों में सीनेट सीटें और गवर्नरशिप खोईं। अखबार ने स्पष्ट कहा कि “इस हार का मुख्य कारण ट्रंप खुद हैं” उन्होंने टेक्सास जैसे राज्यों में योग्य उम्मीदवारों की जगह अपने वफादारों को खड़ा करके नुकसान कराया।
वाशिंगटन पोस्ट (WP): “1974 के बाद सबसे बड़ा जनादेश” WP के अनुसार, मतदाताओं ने ट्रंप को 1974 के बाद से न देखे गए पैमाने पर सबक सिखाया है। डेमोक्रेट्स ने उन इलाकों में भी जीत हासिल की जहां दशकों से जीत नहीं मिली थी, और हिस्पैनिक, कैथोलिक तथा 30 वर्ष से कम उम्र के मतदाताओं का रुझान डेमोक्रेट्स की ओर तेजी से बदला।
न्यूयॉर्क टाइम्स (NYT): “अमेरिकियों ने ट्रंप को खारिज किया” NYT ने लिखा कि ट्रंप का विरोध राजनीतिक ध्रुवीकरण से परे था। निर्दलीय और रिपब्लिकन समर्थकों ने भी उनके दूसरे कार्यकाल को विफल माना, और चुनावी हेरफेर के प्रयासों के खिलाफ लाखों लोगों ने मतदान किया।
CNN: “डेमोक्रेटिक लहर और ट्रंप के समर्थन की सीमाएं”। CNN ने इसे “डेमोक्रेटिक चुनावी लहर” बताया। मुख्य वजहें: महंगाई, ईरान युद्ध, टैरिफ और ट्रंप के समर्थित उम्मीदवारों की हार। टेक्सास में जेम्स तालारिको और जिना हिनोजोसा की जीत ने साबित किया कि ट्रंप का समर्थन ही जीत की गारंटी नहीं है।
📉 रिपब्लिकन हार के मुख्य कारण जैसा अमेरिकन मीडिया बात कर रही है।
· आर्थिक असंतोष: 75% मतदाताओं ने अर्थव्यवस्था को “खराब” बताया, और 80% ने महंगाई को परेशानी माना।
· ईरान युद्ध और ईंधन कीमतें: 74% मतदाताओं के लिए यह निर्णायक मुद्दा था।
· ट्रंप के फैसले: टैरिफ और आव्रजन नीतियों को मतदाताओं ने नकारात्मक रूप में देखा।
· ट्रंप का समर्थन घातक: टेक्सास (केन पैक्सटन) और साउथ कैरोलिना (डारलीन ग्राहम) जैसे विवादास्पद उम्मीदवारों पर ट्रंप के दांव ने नुकसान किया।















