लखनऊ: समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर पार्टी ने रामपुर जाने के लिए 28 सदस्यीय उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल का गठन किया है। यह प्रतिनिधिमंडल 23 जुलाई को रामपुर पहुंचकर मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के भवनों को गिराने के जिला प्रशासन के फैसले का विरोध करेगा।
सपा प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने एक आधिकारिक पत्र जारी कर बताया कि अखिलेश यादव के निर्देश पर समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल 23 जुलाई 2026 को रामपुर जिले का दौरा करेगा। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है।
समाजवादी पार्टी ने प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे मौलिक अधिकारों का उल्लंघन बताया। पार्टी ने कहा कि विश्वविद्यालय की इमारतों को गिराना शिक्षा के अधिकार और देश के शैक्षिक ढांचे की भावना के खिलाफ है।
सपा ने कहा कि यूनिवर्सिटी में गरीब, पिछड़े और दलित वर्ग के छात्र शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। पार्टी ने चिंता जताई कि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से छात्रों के भविष्य पर असर पड़ेगा।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय करेंगे। प्रतिनिधिमंडल रामपुर के जिलाधिकारी से मुलाकात कर ध्वस्तीकरण कार्रवाई के खिलाफ ज्ञापन सौंपेगा और अपनी रिपोर्ट सपा कार्यालय को देगा।
इस प्रतिनिधिमंडल में 14 विधायक शामिल हैं, जिनमें कमाल अख्तर और पिंकी सिंह के साथ रामपुर, मुरादाबाद और बरेली के जिला अध्यक्ष भी शामिल हैं।
रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) ने जौहर ट्रस्ट को नोटिस जारी कर विश्वविद्यालय परिसर में 32,309.80 वर्ग मीटर निर्माण को अवैध बताया था। प्राधिकरण के अनुसार, 38 भवनों का निर्माण बिना स्वीकृति के किया गया है।
प्रशासन ने जौहर ट्रस्ट को इन भवनों को हटाने के लिए अतिरिक्त 15 दिन का समय दिया है। इसके बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई आगे बढ़ाने की चेतावनी दी गई है।



