प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर यह साबित किया है कि उनकी लीडरशिप स्टाइल में देश के नागरिक और युवा सबसे पहले आते हैं। देश भर में आयोजित हो रहे NEET-UG 2026 री-एग्जाम के परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में कोई असुविधा न हो और उनके वीवीआईपी (VVIP) काफिले की वजह से दिल्ली की सड़कों पर ट्रैफिक जाम न लगे, इसके लिए प्रधानमंत्री ने रविवार को दिल्ली एयरपोर्ट से बाहर निकलने में जानबूझकर देरी की। सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री का विमान दोपहर 1:15 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड कर चुका था। चूंकि परीक्षा दोपहर 2:00 बजे शुरू होनी थी, इसलिए छात्रों की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए पीएम मोदी दोपहर 2:00 बजे के बाद तक एयरपोर्ट के भीतर ही रुके रहे।
केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने प्रधानमंत्री के इस कदम की सराहना करते हुए कहा, “कुछ लोगों के लिए पावर का मतलब विशेष अधिकार होता है, लेकिन पीएम नरेंद्र मोदी के लिए इसका मतलब जिम्मेदारी है। नीट के उम्मीदवारों की सुविधा के लिए एयरपोर्ट पर इंतजार करना यह दिखाता है कि वे देश के नागरिकों को सर्वोपरि रखते हैं।” गौरतलब है कि प्रश्न पत्र लीक होने के कारण 3 मई को होने वाली शुरुआती परीक्षा रद्द होने के बाद, देश भर में लगभग 22 लाख से ज्यादा छात्र इस नीट री-एग्जाम में शामिल हो रहे हैं।
सुरक्षा का अभूतपूर्व चक्रव्यूह और छात्र सुविधाओं का ध्यान
एक सुरक्षित, पारदर्शी और कुशल परीक्षा प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने इस बार सुरक्षा के कड़े और ऐतिहासिक उपाय लागू किए हैं। सभी परीक्षा केंद्रों के कमरों में सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी लाइव निगरानी की जा रही है। इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ECIL) और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) द्वारा निर्मित अत्याधुनिक जैमर भी इंस्टॉल किए गए हैं ताकि किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट का इस्तेमाल न हो सके।
परीक्षा केंद्रों पर कड़ी फ्रिस्किंग (जांच) के लिए 38,795 कर्मचारियों और फेस ऑथेंटिकेशन के लिए 48,448 बायोमेट्रिक स्टाफ की तैनाती की गई है। इसके अलावा, लॉजिस्टिकल सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पुलिस, पैरामिलिट्री फोर्स, इंडियन एयर फोर्स और डाक विभाग को भी कस्टोडियन बैंकों में गोपनीय सामग्री के सत्यापन और सुरक्षित परिवहन के लिए तैनात किया गया। NTA ने परीक्षा केंद्रों पर भीषण गर्मी को देखते हुए पीने का पानी, ओआरएस (ORS) और एम्बुलेंस की व्यवस्था की थी, साथ ही इंतजार कर रहे अभिभावकों के लिए बैठने और छायादार जगहों का भी विशेष इंतजाम किया गया।














