फिरोजाबाद। सेवानिवृत्त उपनिरीक्षक राकेश यादव और उनकी पत्नी मूर्ति देवी की मौत के बाद परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का कहना है कि राकेश यादव अपने खिलाफ दर्ज गबन के मुकदमे को लेकर काफी परेशान और मानसिक तनाव में थे।
परिजनों ने बताया निर्दोष
स्वजन के अनुसार राकेश यादव स्वयं को निर्दोष बताते थे और अपने पक्ष में कई लोगों को साक्ष्य भी दिखा चुके थे। उनका कहना था कि एक राजनेता के कहने पर उनके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस मामले में उन्होंने विभिन्न राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेताओं से भी मदद की गुहार लगाई थी।
फायरिंग की आवाज सुनकर नीचे पहुंचे परिजन
घटना के समय परिवार के सदस्य घर की छत पर मौजूद थे। फायरिंग की आवाज सुनकर जब सभी नीचे पहुंचे तो राकेश यादव और उनकी पत्नी मूर्ति देवी खून से लथपथ पड़े मिले। सूचना पर पहुंची पुलिस दोनों को जिला संयुक्त चिकित्सालय लेकर गई, जहां राकेश यादव को मृत घोषित कर दिया गया। गंभीर रूप से घायल मूर्ति देवी को ट्रामा सेंटर भेजा गया, जहां उपचार के दौरान उनकी भी मौत हो गई।
बेटियों और दामादों का रो-रोकर बुरा हाल
माता-पिता की मौत की खबर मिलते ही दोनों बेटियां गरिमा और प्रतिमा फूट-फूटकर रोने लगीं। परिवार के अन्य सदस्य भी सदमे में आ गए। दोनों दामादों का भी रो-रोकर बुरा हाल था।
परिवार में कई सदस्य सरकारी सेवाओं से जुड़े
राकेश यादव के बड़े दामाद डॉ. कपिल यादव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिरसागंज में प्रभारी चिकित्साधिकारी के पद पर तैनात हैं। छोटी बेटी प्रतिमा और उनके पति डॉ. विवेक यादव प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक हैं। परिवार के सदस्य डॉ. गौरव यादव भी एक निजी विश्वविद्यालय में निदेशक पद पर कार्य कर चुके हैं।
घर और पोस्टमार्टम हाउस पर जुटी भीड़
घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र के कई राजनीतिक नेता, रिश्तेदार और परिचित परिवार के घर तथा पोस्टमार्टम गृह पहुंच गए। शोकाकुल परिवार को सांत्वना देने वालों का तांता लगा रहा।
परिवार के सदस्यों का कहना है कि यह घटना उनके लिए अपूरणीय क्षति है और पूरे परिवार को गहरे सदमे में छोड़ गई है।



