उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से पुलिस की संवेदनहीनता और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। सेहरामऊ उत्तरी थाना क्षेत्र के एक गांव में एक नाबालिग किशोरी का अपहरण कर उसे कई दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया और जबरन बलात्कार किया गया।
दरिंदगी का शिकार हुई पीड़िता जब न्याय की गुहार लगाने थाने पहुंची, तो पुलिस की लापरवाही का सामना करना पड़ा। लिखित तहरीर देने के बावजूद सेहरामऊ उत्तरी पुलिस कई दिनों तक मामले को दबाए बैठी रही और कोई कार्रवाई नहीं की। न्याय की आस में पीड़िता पूरी रात थाने के बाहर ठिठुरती हुई सड़क पर बैठने को मजबूर रही।
जब इस गंभीर मामले की भनक जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) को लगी, तो उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए थाना अध्यक्ष (SHO) को जमकर फटकार लगाई। एसपी के सख्त रुख के बाद आनन-फानन में मुकदमा दर्ज किया गया। हालांकि, पुलिस की ढिलाई का फायदा उठाकर मुख्य आरोपी गुरपेज सिंह मौके से फरार हो गया। फिलहाल पुलिस आरोपी की तलाश में दबिश दे रही है, लेकिन खाकी की इस कार्यप्रणाली ने इलाके में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है।



