नई दिल्ली: केंद्र सरकार की कथित उदासीनता और गिरते शिक्षा तंत्र के विरोध में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने मोर्चा खोल दिया है। पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष ने एक प्रेस वार्ता के दौरान सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पिछले दो सप्ताह से अधिक समय से चल रहा विरोध प्रदर्शन अब एक निर्णायक मोड़ पर है। उन्होंने सरकार पर अहंकार में डूबने और युवाओं की अनदेखी करने का गंभीर आरोप लगाया।

सोनम वांगचुक के अनशन का मुद्दा

प्रवक्ता आशुतोष ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को दोहराते हुए कहा कि सोनम वांगचुक का अनशन लगातार जारी है और उनकी बिगड़ती तबीयत के बावजूद सरकार की तरफ से कोई संवाद न करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के हजारों बच्चे इस व्यवस्था के कारण अवसाद में हैं और सुसाइड जैसा कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं, लेकिन सरकार को इसका कोई फर्क नहीं पड़ रहा है।

शांति मार्च और युवाओं से अपील

पार्टी ने जंतर-मंतर से संसद तक शांतिपूर्वक मार्च करने का ऐलान किया है। प्रवक्ता आशुतोष ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि देश को बचाने की लड़ाई है। उन्होंने तमाम विपक्षी राजनीतिक दलों से मिल रहे समर्थन पर खुशी जताते हुए कहा कि पार्टी विचारधारा से ऊपर उठकर नागरिक होने के नाते सभी को साथ आना चाहिए।

“युवा कीड़े-मकोड़े नहीं”

सरकार पर हमला बोलते हुए आशुतोष ने कहा, “इस देश का युवा कीड़ा-मकोड़ा नहीं है। सरकार की ओर से युवाओं की उपेक्षा करना उन्हें भारी पड़ेगा।” उन्होंने देशभर के युवाओं से दिल्ली पहुंचने की अपील की है ताकि इस ‘लोकतंत्र बचाओ’ मुहिम को सफल बनाया जा सके। आशुतोष ने चुनौती देते हुए कहा कि पार्टी किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार है और लाखों की संख्या में युवा इस मार्च का हिस्सा बनेंगे।अब देखना यह है कि क्या जंतर-मंतर से शुरू होने वाला यह विरोध प्रदर्शन सरकार को झुकने पर मजबूर करेगा या फिर यह संघर्ष और अधिक तीव्र होगा।

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