लखनऊ: AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बिहार के विपक्षी गठबंधन और उत्तर प्रदेश की राजनीति में मुस्लिम भागीदारी के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दलों को घेरा बता दे कि लखनऊ एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने सपा के साथ गठबंधन की संभावनाओं से जुड़े सवाल पर कहा कि उनकी पार्टी पहले ही अपना रुख स्पष्ट कर चुकी है और बिहार में जो घटनाक्रम हुआ, वह सभी के सामने है।

वही ओवैसी ने कहा कि चुनावी राजनीति में मुस्लिम मतदाताओं को महत्वपूर्ण माना जाता है, लेकिन जब राजनीतिक प्रतिनिधित्व और हिस्सेदारी की बात आती है तो समुदाय को पर्याप्त स्थान नहीं दिया जाता। उन्होंने कहा कि मुसलमानों की भूमिका सिर्फ चुनाव के दौरान वोट देने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।

AIMIM अध्यक्ष ने कहा कि राजनीतिक दलों की ओर से मुस्लिम समाज से समर्थन तो मांगा जाता है, लेकिन सत्ता और निर्णय लेने की प्रक्रिया में भागीदारी देने के सवाल पर स्थिति अलग दिखाई देती है। उन्होंने मुस्लिम समुदाय से अपनी राजनीतिक हिस्सेदारी के लिए खुद आवाज उठाने की अपील की।

ओवैसी ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल उत्तर प्रदेश में मुस्लिमों की किसी बड़ी राजनीतिक ताकत के उभरने और उनकी राजनीतिक हिस्सेदारी बढ़ने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि AIMIM इसी मुद्दे को लेकर जनता के बीच अपनी बात रख रही है। इस दौरान ओवैसी ने मुसलमानों पर कथित अत्याचार और मस्जिदों को गिराए जाने के मुद्दे भी उठाए। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में समुदाय को अपनी राजनीतिक आवाज को और मजबूत करने की जरूरत है।

“हाथ मिलाने को तैयार हैं, कमजोरी न समझें...” Asaduddin Owaisi का सपा-INDIA गठबंधन को बड़ा संदेश!

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