भोपाल : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मशहूर मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) भोपाल द्वारा जारी की गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ट्विशा की मौत से जुड़े कई बेहद अहम और चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन ने मामले की जांच को और तेज कर दिया है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या आया सामने?

AIIMS भोपाल की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, 33 वर्षीय मॉडल ट्विशा शर्मा की मौत ‘Ante mortem hanging’ यानी जीवित अवस्था में गले में फंदा लगने (फांसी) के कारण हुई थी। डॉक्टरों की टीम ने अपनी जांच में ट्विशा की गर्दन पर ऊपर की तरफ जाता हुआ एक गहरा लिगेचर मार्क (फंदे का निशान) पाया है, जो आमतौर पर आत्महत्या या फांसी के मामलों में देखा जाता है।

रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि फंदा कसने के कारण गर्दन की अंदरूनी मांसपेशियों पर अत्यधिक दबाव पड़ा था, जिससे वहां रक्तस्राव (ब्लिडिंग) के निशान मिले हैं। हालांकि, मेडिकल जांच में ट्विशा की हायॉइड बोन (गले की हड्डी) और रीढ़ की अन्य हड्डियां पूरी तरह से सुरक्षित पाई गई हैं। डॉक्टरों का कहना है कि शुरुआती तौर पर शरीर पर किसी बड़े संघर्ष, हाथापाई या किसी घातक हथियार से हमले के कोई प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं मिले हैं।

हाथ पर चोट के निशान और फेफड़ों में सूजन

भले ही किसी बड़े हमले की बात सामने न आई हो, लेकिन रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया है कि ट्विशा के हाथ और शरीर के कुछ अन्य हिस्सों पर हल्की चोट व खरोंच के निशान पाए गए हैं। पुलिस अब इस बिंदु पर गहराई से तफ्तीश कर रही है कि मौत से ठीक पहले ये चोटें ट्विशा के शरीर पर कैसे आईं।

इसके साथ ही, डॉक्टरों ने पाया कि ट्विशा के दोनों फेफड़ों में भारी सूजन (कंजेशन) थी और उनकी आंखों में पेटीचियल हेमरेज यानी छोटे-छोटे रक्तस्राव के निशान मिले थे। फॉरेंसिक विशेषज्ञों के अनुसार, दम घुटने या फांसी लगाने की स्थिति में शरीर में ऐसे लक्षण उभरना स्वाभाविक है। डॉक्टरों ने यह भी साफ तौर पर स्पष्ट किया है कि मृतका के शरीर पर किसी भी तरह के गंभीर यौन उत्पीड़न के संकेत नहीं मिले हैं।

विसरा और डीएनए जांच का इंतजार

ट्विशा की मौत के पीछे की असली सच्चाई और गहराई तक पहुंचने के लिए डॉक्टरों ने विसरा, खून और अन्य जरूरी जैविक सैंपल पूरी तरह सुरक्षित रख लिए हैं। इन सैंपलों को स्टेट फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की गहन जांच के लिए भेजा गया है। FSL की रासायनिक जांच से यह साफ हो सकेगा कि मौत के वक्त या उससे ठीक पहले ट्विशा के शरीर में किसी तरह का नशा, दवा या कोई जहरीला पदार्थ मौजूद था या नहीं। इसके साथ ही, भविष्य की कानूनी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए डीएनए प्रोफाइलिंग के लिए भी सैंपल सुरक्षित किए गए हैं।

जिमनास्टिक रिंग की रस्सी से लटका मिला था शव

दर्ज की गई रिपोर्ट के अनुसार, 12 मई की रात करीब 8 बजे कटारा हिल्स स्थित घर की छत पर ट्विशा शर्मा का शव कथित तौर पर एक जिमनास्टिक रिंग की रस्सी के सहारे लटका हुआ पाया गया था। घटना की भनक लगते ही ससुराल पक्ष और परिजन उन्हें आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल लेकर भागे, लेकिन वहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

ससुराल वालों पर दहेज प्रताड़ना का संगीन आरोप

गौरतलब है कि यह पूरी घटना भोपाल के हाई-प्रोफाइल कटारा हिल्स इलाके की है। ट्विशा शर्मा अपनी मौत के वक्त अपने ससुराल में थीं। घटना के तुरंत बाद ट्विशा के मायके पक्ष ने गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। परिजनों की शिकायत के आधार पर भोपाल पुलिस ने मृतका के पति समर्थ सिंह और उनकी सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज हत्या (Dowry Death) और मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना का मामला दर्ज कर लिया है। आपको बता दें कि ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह एक रिटायर्ड जज हैं, जिसके कारण यह मामला पूरे प्रदेश में भारी चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस अब FSL रिपोर्ट और कॉल डिटेल्स के आधार पर मामले के सभी कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

Health Tips : आयुर्वेद संसार में डॉक्टर जेके पांडेय से जानिए एसिडिटी दूर करने के उपाय

शेयर करना
Exit mobile version