कुमाऊं मंडल विकास निगम (KMVN) ने प्रसिद्ध कैलास मानसरोवर यात्रा 2026 का विस्तृत शेड्यूल जारी कर दिया है। विदेश मंत्रालय की ओर से पहले ही ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिसके बाद अब यात्रा की पूरी रूपरेखा सामने आ गई है। इस बार भी यात्रा 22 दिनों की अवधि में पूरी कराई जाएगी।

कुमाऊं मार्ग से इस वर्ष 500 श्रद्धालु लिपुलेख दर्रे के रास्ते शिव के धाम कैलास मानसरोवर की यात्रा करेंगे। इसके अलावा सिक्किम के नाथुला दर्रे से भी 500 यात्रियों के जाने की योजना तय की गई है। विदेश मंत्रालय की हाल ही में हुई बैठक के बाद यात्रा से जुड़ी सभी प्रमुख व्यवस्थाएं स्पष्ट कर दी गई हैं।

टनकपुर मार्ग से यह दूसरी बार है जब श्रद्धालु यात्रा पर जाएंगे। इस बार यात्रा का खर्च पहले की तुलना में अधिक हो गया है। पिछले वर्ष प्रति यात्री खर्च लगभग 1 लाख 84 हजार रुपये था, जबकि इस बार इसे बढ़ाकर करीब 2 लाख 9 हजार रुपये प्रस्तावित किया गया है। इसमें पंजीकरण शुल्क 5 हजार रुपये और KMVN को 60 हजार रुपये शामिल हैं।

यात्रा पर जाने से पहले सभी श्रद्धालुओं को दिल्ली में मेडिकल परीक्षण से गुजरना होगा। फिट पाए जाने पर ही उन्हें आगे यात्रा की अनुमति दी जाएगी। यह व्यवस्था यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए की गई है।

KMVN के महाप्रबंधक विजय नाथ शुक्ल के अनुसार, यात्रा 30 जून से शुरू होगी जब पहला दल दिल्ली पहुंचेगा। इसके बाद 4 जुलाई को पहला दल टनकपुर के लिए रवाना होगा। अलग-अलग दलों के अनुसार यात्रा अगस्त के अंतिम सप्ताह तक चलेगी।

शेड्यूल के अनुसार पहला दल 30 जून से 21 जुलाई, दूसरा 4 जुलाई से 25 जुलाई, तीसरा 8 जुलाई से 29 जुलाई, चौथा 4 जुलाई से 2 अगस्त, पांचवां 16 जुलाई से 6 अगस्त, छठा 20 जुलाई से 10 अगस्त, सातवां 24 जुलाई से 18 अगस्त, आठवां 28 जुलाई से 18 अगस्त, नौवां 1 अगस्त से 22 अगस्त और दसवां दल 5 अगस्त से 26 अगस्त तक यात्रा पूरी करेगा।

यह यात्रा हिंदू श्रद्धालुओं के लिए आस्था का एक प्रमुख केंद्र मानी जाती है, और हर साल बड़ी संख्या में यात्री इसमें शामिल होते हैं।

Noida इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 15 जून से शुरू होंगी उड़ानें | UP News | Bstv |

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