कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में साइबर क्राइम पुलिस ने एक ऐसे हाईटेक और शातिर साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो शादी कराने के नाम पर देशभर के लोगों को अपना शिकार बना रहा था। पुलिस ने इस फर्जी मैट्रिमोनियल कॉल सेंटर पर छापेमारी करते हुए गिरोह के मुख्य सरगना को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही मौके पर मौजूद 23 महिला टेलीकॉलर्स को हिरासत में लेकर पुलिस द्वारा कड़ी पूछताछ की जा रही है।
यह गिरोह बेहद शातिर और तकनीकी रूप से एडवांस तरीके से काम करता था। जांच में सामने आया है कि आरोपी विभिन्न नामचीन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और प्रामाणिक मैट्रिमोनियल साइट्स से शादी के इच्छुक लोगों का निजी डेटा अवैध रूप से चुराते थे। इसके बाद, ये लोग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक से तैयार की गई खूबसूरत महिलाओं की फर्जी तस्वीरें और फर्जी प्रोफाइल्स बनाकर इंटरनेट पर जाल बिछाते थे।
इनके झांसे में आने वाले पुरुषों से ये महिला टेलीकॉलर्स बेहद मीठी बातों में फंसाकर उनका भरोसा जीतती थीं। एक बार विश्वास कायम होने के बाद, गिरोह के सदस्य अलग-अलग चरणों में जैसे— रजिस्ट्रेशन फीस, प्रीमियम मेंबरशिप, और ‘शादी पक्की कराने की फीस’ के नाम पर मोटी रकम वसूलना शुरू कर देते थे। इस डिजिटल ठगी के जरिए उन्होंने देश भर के सैकड़ों लोगों को चूना लगाया है। पुलिस की इस बड़ी छापेमारी में भारी मात्रा में मोबाइल फोन, हाई-एंड कंप्यूटर, संदिग्ध बैंकिंग दस्तावेज, विभिन्न बैंकों के एटीएम (ATM) कार्ड और पैसे मंगाने के लिए इस्तेमाल होने वाले फर्जी क्यूआर (QR) कोड बरामद किए गए हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस सिंडिकेट ने अब तक कितने करोड़ रुपये का वित्तीय फ्रॉड किया है।



