कानपुर। जिले के चौबेपुर थाना क्षेत्र के चिंतापुरवा गांव में पुरानी रंजिश के चलते 25 वर्षीय युवक गिरजा शंकर निषाद की घर के दरवाजे पर गोली मारकर हत्या कर दी गई। दर्दनाक बात यह रही कि गिरजा शंकर ने दोपहर में ही अपने बड़े भाई पर चाकू से हमले की शिकायत पुलिस से की थी, लेकिन शाम तक आरोपी ने उसे मौत के घाट उतार दिया। घटना के बाद परिजनों का आरोप है कि अगर पुलिस समय पर सख्त कार्रवाई करती तो शायद उनके बेटे की जान बच सकती थी।

दोपहर में हुई थी मारपीट

जानकारी के मुताबिक, बुधवार दोपहर गिरजा शंकर के बड़े भाई रामपाल पर गांव के ही कुलदीप निषाद ने चाकू से हमला किया और गाली-गलौज भी की। ग्रामीणों ने किसी तरह बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। इसके बाद दोनों भाई घटना की शिकायत लेकर चौबेपुर थाने पहुंचे। शाम को शिकायत दर्ज कराने के बाद दोनों गांव लौट आए।

घर के दरवाजे पर दिया वारदात को अंजाम

रात करीब साढ़े नौ बजे गिरजा शंकर अपने घर के दरवाजे पर खड़ा था। आरोप है कि कुलदीप वहां पहुंचा और पुलिस से शिकायत करने की बात को लेकर गाली-गलौज करने लगा। जब गिरजा शंकर ने विरोध किया, तो कुलदीप ने तमंचा निकालकर पहली गोली चलाई, जो गिरजा शंकर को छूकर निकल गई। इसके बाद दोबारा तमंचा लोड कर दूसरी गोली दाहिने हाथ में मारी और फिर तीसरी गोली सीधे सीने में उतार दी। गोली की आवाज सुनकर ग्रामीण बाहर निकले, लेकिन तब तक आरोपी तमंचा लहराते हुए फरार हो चुका था।

अस्पताल ले जाते वक्त तोड़ा दम

परिजन घायल गिरजा शंकर को बिठूर के एक निजी अस्पताल लेकर भागे, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। सूचना पर पुलिस उपायुक्त पश्चिम एसएम कासिम आबिदी और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और सबूत जुटाए। डीसीपी ने बताया कि शुरुआती जांच में यह पुरानी रंजिश में हुई हत्या का मामला लग रहा है। पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

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