रोहतक/बहादुरगढ़: दिल्ली के जंतर-मंतर पर 6 जून को आयोजित CJP के विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेना रोहतक की एक महिला गेस्ट टीचर को भारी पड़ गया है। शिक्षा विभाग ने कार्रवाई करते हुए रोहतक के रैनकपुरा स्थित राजकीय मिडिल स्कूल में तैनात गेस्ट टीचर सुलेखा दलाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया है। रोहतक के जिला प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी (DEEO) की ओर से जारी निलंबन आदेश में हालांकि कार्रवाई का कोई स्पष्ट कारण नहीं लिखा गया है, लेकिन प्रदर्शन के अगले ही दिन विभाग द्वारा उनसे फोन पर मांगे गए स्पष्टीकरण को देखते हुए इस कार्रवाई को सीधे तौर पर जंतर-मंतर आंदोलन से जोड़कर देखा जा रहा है।

सुलेखा दलाल ने 6 जून को दिल्ली में ‘काकरोच जनता पार्टी’ के बैनर तले हुए प्रदर्शन में शिरकत की थी। निलंबन के बाद उनका हेडक्वार्टर ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय तय किया गया है और उन्हें बिना अनुमति मुख्यालय न छोड़ने के आदेश दिए गए हैं। सुलेखा दलाल मूल रूप से बहादुरगढ़ के मेहंदीपुर डाबौदा की रहने वाली हैं और वर्तमान में बहादुरगढ़ के सेक्टर-9 में रह रही हैं। वह शिक्षण कार्य के साथ-साथ राजनीति, भजन गायन और सोशल मीडिया पर रील्स बनाने के लिए भी काफी सक्रिय रहती हैं।

“बेटे और लाखों युवाओं के भविष्य का सवाल, पीछे नहीं हटूंगी”
अपनी इस विभागीय निलंबन की कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए शिक्षिका सुलेखा दलाल ने साफ कर दिया है कि वे इस कार्रवाई से डरने वाली नहीं हैं। सुलेखा ने कहा, “कार्रवाई का असली कारण तो शिक्षा विभाग ही जाने, लेकिन देश में लगातार हो रहे पेपर लीक के मामले उनके अपने बेटे और देश के लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ा एक बेहद गंभीर विषय है। पेपर लीक के कारण मेरे बेटे को भी मानसिक और करियर की परेशानी उठानी पड़ी है।” उन्होंने आगे कहा कि यह केवल उनके परिवार की नहीं, बल्कि देश के लाखों होनहार युवाओं के हक की लड़ाई है और वे इसके खिलाफ पीछे नहीं हटेंगी, चाहे परिणाम कुछ भी भुगतना पड़े।

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