आगामी राज्य विधानसभा चुनावों और संगठन को धरातल पर मजबूत करने के उद्देश्य से कांग्रेस आलाकमान अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और कई राज्य इकाइयों में एक बड़ा और व्यापक फेरबदल करने की तैयारी में है। सूत्रों से मिल रही ताजा जानकारी के मुताबिक, पार्टी के भीतर गुटबाजी को थामने और नए चेहरों को आगे लाने के लिए बड़े पैमाने पर सर्जरी होने वाली है। इस बदलाव के तहत चार राष्ट्रीय महासचिवों की छुट्टी हो सकती है, जबकि 6 से 7 राज्यों के प्रदेश प्रभारियों को बदला जा सकता है। इसके अलावा, वर्तमान में मौजूद 62 राष्ट्रीय सचिवों में से करीब 26 सचिवों को पद से मुक्त किया जा सकता है।

सचिन पायलट और रमेश चेन्निथला समेत कई बड़े प्रभारियों की विदाई तय!
पार्टी सूत्रों की मानें तो छत्तीसगढ़ के प्रभारी और राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट, हरियाणा के प्रभारी बीके हरिप्रसाद, महाराष्ट्र के प्रभारी रमेश चेन्निथला, तमिलनाडु के प्रभारी गिरीश चोडंकर और राजस्थान के प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा को उनके मौजूदा प्रभारों से हटाया जा सकता है। इसके पीछे मुख्य वजह इन नेताओं को राज्यों में मिली नई जिम्मेदारियां हैं। बीके हरिप्रसाद हाल ही में कर्नाटक कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष बने हैं, वहीं केरल में कांग्रेस की सरकार आने के बाद रमेश चेन्निथला और केरल प्रदेश अध्यक्ष सन्नी जोसेफ को कैबिनेट में मंत्री बनाया गया है। दूसरी तरफ, गिरीश चोडंकर को गोवा कांग्रेस की कमान सौंपी गई है, जिससे ‘एक व्यक्ति-एक पद’ के सिद्धांत के तहत इन दिग्गजों की जगह नए प्रभारियों की नियुक्ति की जाएगी।

यूपी, पंजाब और दिल्ली समेत 5 राज्यों को मिलेंगे नए अध्यक्ष
सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, राजस्थान, तमिलनाडु के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और पंजाब में भी कांग्रेस अपने प्रदेश अध्यक्षों को बदलने जा रही है। विशेष रूप से उत्तर प्रदेश और पंजाब में अगले साल यानी 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए संगठन में यह बदलाव बेहद अहम माना जा रहा है। आलाकमान का मानना है कि समय रहते कड़े फैसले लेने और जमीनी स्तर पर सक्रिय नेताओं को कमान सौंपने से आंतरिक गुटबाजी पर लगाम लगाई जा सकेगी और कार्यकर्ताओं में नया जोश भरा जा सकेगा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जल्द ही इस नई सूची पर अपनी अंतिम मुहर लगा सकते हैं।

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