आमरावती, 3 सितंबर। जन सेना पार्टी ने गुरुवार को कहा कि एनटीआर जिले के ए कोंदुरु मंडल में लंबे समय से चली आ रही किडनी रोग संबंधी चिंताओं को दूर करने के उद्देश्य से बड़ी पेयजल परियोजना पूरी हो गई है। उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण के नेतृत्व में पूरी हुई इस परियोजना से करीब 75 हजार लोगों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध होने की उम्मीद है।
49.94 करोड़ रुपये की लागत से पूरी हुई परियोजना
पार्टी की ओर से जारी बयान के अनुसार, जल जीवन मिशन-अमरजीवी जलधारा परियोजना 49.94 करोड़ रुपये की लागत से पूरी हुई है। इससे मंडल की 38 बस्तियों में रहने वाले करीब 75 हजार लोगों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।
ए कोंदुरु क्षेत्र में उदानम क्षेत्र की तरह लंबे समय से किडनी रोग संबंधी चिंताएं सामने आती रही हैं। मंडल में 21 ग्राम पंचायत और 38 बस्तियां हैं, जिनमें 15 आदिवासी बस्तियां शामिल हैं। यहां के लोग लंबे समय से पेयजल की समस्याओं का सामना कर रहे थे।
दूषित पानी पीने को मजबूर थे लोग
पार्टी के अनुसार, सार्वजनिक स्वास्थ्य पर इसके प्रभाव को लेकर चिंताओं के बावजूद क्षेत्र के लोग वर्षों से दूषित पानी का सेवन करने को मजबूर थे। जन सेना पार्टी ने कहा कि यह मुद्दा 2024 के आम चुनाव से पहले उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण के ध्यान में आया था और पद संभालने के बाद उन्होंने प्रभावित आबादी को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने का निर्णय लिया।
26 महीने में परियोजना हुई पूरी
पार्टी ने दावा किया कि ग्रामीण जल आपूर्ति विभाग के माध्यम से जल जीवन मिशन और अमरजीवी जलधारा योजना के तहत लागू इस परियोजना को 26 महीने में 100 प्रतिशत पूरा किया गया है। पार्टी ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने परियोजना की घोषणा तो की थी, लेकिन टेंडर प्रक्रिया शुरू नहीं की गई थी और कोई निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ था।
जल जीवन मिशन की मूल समयसीमा मार्च 2024 में समाप्त होने के बाद परियोजना के भविष्य को लेकर भी अनिश्चितता पैदा हो गई थी।
130 किलोमीटर पाइपलाइन से होगी जलापूर्ति
पार्टी ने कहा कि मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने परियोजना को दोबारा शुरू करने और तेजी से पूरा करने के लिए कदम उठाए। केंद्र सरकार द्वारा जल जीवन मिशन की अवधि बढ़ाने और राज्य के हिस्से के फंड जारी किए जाने से भी काम में तेजी आई।
परियोजना के तहत कृष्णा नदी से इब्राहिमपट्टनम स्थित एनटीपीसी नहर के जरिए पानी लिया जा रहा है। इसे उपचारित कर 12 ओवरहेड टैंकों की मदद से 130 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के जरिए आपूर्ति की जा रही है।
परियोजना के तहत 38 बस्तियों के निवासियों को घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध कराने की योजना है। पार्टी के अनुसार, प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन 55 लीटर सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति की जाएगी।
कई विभागों ने मिलकर पूरी की प्रक्रिया
पाइपलाइन नेटवर्क बिछाने के लिए आवश्यक अनुमतियां हासिल करने में पंचायत राज, ग्रामीण विकास, राजस्व, वन, पर्यावरण और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण समेत विभिन्न विभागों ने समन्वय किया।
पार्टी के अनुसार, सरकार इससे पहले टैंकर सेवाओं के जरिए मंडल में पेयजल आपूर्ति पर सालाना करीब 2.5 करोड़ रुपये खर्च करती थी।
परियोजना के पूरा होने से पेयजल की कमी का दीर्घकालिक समाधान मिलने और क्षेत्र में असुरक्षित पेयजल से जुड़ी स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को दूर करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
जन सेना पार्टी ने यह भी कहा कि उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण आने वाले दिनों में ए कोंदुरु का दौरा कर पूरी हुई परियोजना का निरीक्षण करेंगे और परियोजना के तहत उपलब्ध कराए जा रहे पानी की गुणवत्ता की समीक्षा करेंगे।













