अयोध्या में बड़ी खबर सामने आ रही है । राम मंदिर ट्रस्ट की अहम बैठक के दौरान अंदरूनी मतभेद एक बार फिर सामने आते दिखे। जानकारी के अनुसार, ट्रस्ट के कुल 14 सदस्यों में से केवल 9 सदस्य ही बैठक में शामिल हुए, जबकि बाकी सदस्य अब तक बैठक से दूर रहे। इस अनुपस्थिति ने ट्रस्ट के भीतर चल रहे मतभेदों और असहमति की चर्चाओं को और तेज कर दिया है।
वित्तीय प्रबंधन को लेकर चल रहे विवादों का असर साफ दिखाई दे रहा
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे और वित्तीय प्रबंधन को लेकर चल रहे विवादों का असर साफ दिखाई दे रहा है। हाल ही में सामने आए कथित “चढ़ावा चोरी” और “रामधन गबन” जैसे आरोपों के बीच यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बैठक में मौजूद सदस्यों के बीच प्रबंधन और पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल उठने की भी बात सामने आई है।
कुछ सदस्यों में नाराज़गी और असंतोष देखा गया
बताया जा रहा है कि चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को लेकर भी कुछ सदस्यों में नाराज़गी और असंतोष देखा गया। इन नामों को लेकर पहले से ही विभिन्न स्तरों पर चर्चा और आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। बैठक में इन मुद्दों पर खुलकर बहस होने की भी जानकारी मिल रही है। ट्रस्ट के भीतर बढ़ते मतभेदों और सदस्यों की अनुपस्थिति ने संगठनात्मक एकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।












