वर्ड न्यूज़ : अमेरिकी राजनीति से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। प्रमुख मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसले में प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के मेल वोटिंग पर रोक लगाने वाले कार्यकारी आदेश (एग्जीक्यूटिव ऑर्डर) के कुछ हिस्सों को लागू करने की अनुमति दे दी है। इस फैसले से ट्रंप प्रशासन को एक बड़ी राजनीतिक और कानूनी जीत हासिल हुई है।
इस घोषणा के तुरंत बाद, अमेरिकी न्याय विभाग और यूएस पोस्टल सर्विस ने स्पष्ट किया कि वे इस फैसले के अनुरूप बदले हुए मेल-बैलेट प्रतिबंधों को लागू करने की दिशा में कदम उठाएंगे। इस कदम से डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड DHS को हर राज्य में मतदान के योग्य नागरिकों की सूची तैयार करने के प्रस्ताव पर आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। ट्रंप प्रशासन लंबे समय से मेल-इन-वोटिंग के तरीकों पर सवाल उठाता रहा है, उसका मानना है कि इससे सिस्टम में गड़बड़ी और धोखाधड़ी की आशंका बनी रहती है।
व्हाइट हाउस की ओर से इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे अमेरिकी चुनावों की सुरक्षा के लिए एक बड़ी जीत करार दिया गया है। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता लॉरेन बिस ने एक बयान में कहा कि ये ऐसे व्यावहारिक कदम हैं जो मेल-इन बैलेट की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं और यह गारंटी देते हैं कि केवल अमेरिकी नागरिक ही अमेरिकी नेताओं का चयन करें। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब प्रेसिडेंट ट्रंप मतदाता पंजीकरण नियमों में व्यापक सुधार लाने वाले प्रस्तावित ‘SAVE America Act’ को लेकर भी मुखर बने हुए हैं। प्रशासन का दावा है कि इस तरह के सुधार चुनावी प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाएंगे।














