तेहरान/वाशिंगटन। मध्य पूर्व में तनाव अब पूर्ण युद्ध का रूप लेता दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीधे निर्देश पर अमेरिकी सेना ने गुरुवार को ईरान के कई ठिकानों पर नए और व्यापक हवाई हमले किए। अमेरिकी सेना का कहना है कि यह कार्रवाई ईरान की “लगातार आक्रामकता” के जवाब में की गई है। इसके कुछ ही घंटों भीतर ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जवाबी हमले का दावा करते हुए पूरे खाड़ी क्षेत्र को युद्ध की आग में झोंक दिया।

IRGC का पलटवार- बहरीन और कुवैत में अमेरिकी एयरबेस निशाने पर

ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड ने दावा किया है कि उसके ड्रोन हमलों ने बहरीन स्थित शेख ईसा एयरबेस और कुवैत के अली अल सलेम तथा अहमद अल-जबर एयरबेस को सफलतापूर्वक निशाना बनाया। ये सभी अमेरिकी सेना के अहम सैन्य ठिकाने हैं। इसके अलावा ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को “अगले आदेश तक बंद” घोषित कर दिया है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति की सबसे अहम नस है। IRGC ने यह भी दावा किया कि दो तेल टैंकरों को निशाना बनाया गया है।

ईरान में धमाके, क़ेश्म द्वीप से बंदर अब्बास तक विस्फोट

उधर, ईरानी मीडिया के अनुसार अमेरिकी हमलों की चपेट में क़ेश्म द्वीप, बंदर अब्बास, सिरिक और करगान जैसे इलाके आए हैं। करगान में हुए विस्फोटों में कम से कम दो लोगों के घायल होने की खबर है। स्थिति बेहद तेज़ी से बिगड़ रही है और यह संघर्ष अब व्यापक क्षेत्रीय युद्ध का रूप लेता जा रहा है। पूरी दुनिया की निगाहें इस वक्त होर्मुज जलडमरूमध्य और खाड़ी क्षेत्र पर टिकी हैं, जहाँ हर गुज़रता पल हालात को और विस्फोटक बना रहा है।

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