नई दिल्ली: बंगाल की खाड़ी से उठता हुआ कुदरत का यह बवंडर अब अपने सबसे खौफनाक और रौद्र रूप में आ चुका है। खतरनाक चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ सीधे तौर पर भारत के पूर्वी तटीय इलाकों को दहलाने के लिए पूरी तरह तैयार है। घड़ियां जैसे-जैसे आगे बढ़ रही हैं, तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की धड़कनें तेज हो गई हैं, क्योंकि आज आधी रात 23:30 बजे से कल सुबह 4:00 बजे के बीच यह भयानक तूफान आंध्र प्रदेश के तटों से टकराने वाला है। हवा की 120 किलोमीटर प्रति घंटा तक की रफ्तार इस बात का गवाह है कि यह किसी सुपर-फास्ट तांडव से कम नहीं होगा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में एक्सट्रीम रेड अलर्ट जारी किया गया है।
इस चक्रवात का असर केवल तटीय राज्यों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि देश के कई अन्य हिस्सों में भी मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। राजधानी दिल्ली में चक्रवात का कोई सीधा खतरा नहीं है, लेकिन सुबह के वक्त हल्की धुंध और फॉग के साथ दिनभर ठंडी हवाओं का दौर जारी रहेगा, जिससे मौसम एकदम कूल और सुहाना बना रहेगा। उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर और वाराणसी जैसे शहरों में सुबह-सुबह कोहरे की चादर छाने लगी है, जिससे स्पष्ट है कि सर्दी ने अपनी दस्तक दे दी है। मध्य प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा में भी सुबह और रात के वक्त सिहरन भरा अहसास होने लगा है, जबकि दिन में खिली हुई धूप मिल रही है।
दूसरी ओर, चक्रवात के केंद्र के नजदीक स्थित राज्यों में कुदरत का असली तांडव देखने को मिल रहा है। आंध्र प्रदेश के नेल्लोर, ओंगोल और बापतला में 100 से 120 किमी/घंटा की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल रही हैं और मूसलाधार बारिश का कहर टूट रहा है। तेलंगाना के हैदराबाद और वारंगल जैसे इलाकों में भी भारी बारिश और तेज हवाओं के चलते निचले इलाकों में पानी भरने का खतरा मंडरा रहा है। तमिलनाडु, ओडिशा, कर्नाटक और केरल में भी तटीय हवाएं और झमाझम बारिश लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही हैं। ओडिशा के दक्षिणी जिलों में समुद्र की ऊंची लहरें उठ रही हैं, जबकि छत्तीसगढ़ में भी बादल छाए रहने के साथ भारी बारिश की आशंका जताई गई है।
प्रशासन की ओर से सभी संवेदनशील इलाकों में युद्ध स्तर पर तैयारियां कर ली गई हैं। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और आपदा प्रबंधन टीमों को मुस्तैद रखने का काम जारी है। आने वाले कुछ घंटे तटीय इलाकों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं, और हर किसी की निगाहें आसमान पर टिकी हैं।













