देश के पांच राज्यों में क्लबफुट (पैरों का जन्मजात मुड़ा होना) की समस्या से प्रभावित 10,000 से अधिक बच्चों के लिए एक राहत भरी और बड़ी खबर सामने आई है। अडानी समूह की सामाजिक कल्याण शाखा ‘अडानी फाउंडेशन’ और सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्यरत विशेष गैर-लाभकारी संस्था ‘अनुष्का फाउंडेशन’ ने इस बीमारी को खत्म करने के लिए एक महत्वपूर्ण साझेदारी की घोषणा की है। विश्व क्लबफुट दिवस के अवसर पर शुरू की गई इस तीन वर्षीय पहल का औपचारिक शुभारंभ उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित मान्यवर कांशीराम संयुक्त चिकित्सालय और ट्रॉमा सेंटर में किया गया।
इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम के तहत उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र और हिमाचल प्रदेश के 61 जिलों में सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत किया जाएगा। नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के सहयोग से लागू की जा रही यह पहल सरकारी स्वास्थ्य नेटवर्क के जरिए बीमारी की शुरुआती पहचान, बेहतर रेफरल सिस्टम और गुणवत्तापूर्ण इलाज तक पहुंच को सुगम बनाएगी। इस प्रोग्राम के जरिए पांच राज्यों के 61 जिलों में स्थित 67 क्लबफुट क्लीनिक को क्लिनिकल क्षमता बढ़ाने के लिए आवश्यक सपोर्ट दिया जाएगा। इसके अलावा, बीमारी की जल्द पहचान और समय पर इलाज सुनिश्चित करने के लिए 30,000 से अधिक फ्रंटलाइन हेल्थ वर्कर्स (आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं) को जागरूक व प्रशिक्षित किया जाएगा।
गौरतलब है कि क्लबफुट एक जन्मजात स्थिति है, जिसमें जन्म के समय बच्चे के एक या दोनों पैर अंदर की ओर मुड़े होते हैं। हर 800 नवजात शिशुओं में से लगभग एक बच्चा इससे प्रभावित होता है। भारत में हर साल करीब 33,000 बच्चे क्लबफुट के साथ पैदा होते हैं, जिनमें से लगभग 12,000 बच्चे अकेले इन्हीं पांच राज्यों में होते हैं। हालांकि, दुनिया भर में मान्य ‘पोंसेटी विधि’ से इसका पूरी तरह इलाज संभव है, लेकिन जागरूकता और संसाधनों के अभाव में पिछड़े समुदायों के कई बच्चे समय पर इलाज से वंचित रह जाते हैं।
इस ऐतिहासिक साझेदारी पर खुशी जताते हुए अडानी फाउंडेशन की चेयरपर्सन डॉ. प्रीति अडानी ने कहा, “क्लबफुट जैसी उपचार योग्य बीमारी के कारण कोई भी बच्चा जीवन की दौड़ में पीछे नहीं छूटना चाहिए। हर बच्चे को खेलने, सीखने और सम्मान व आजादी के साथ जीने का पूरा अधिकार है।” वहीं, अनुष्का फाउंडेशन के संस्थापक दीपक प्रेमनारायण ने कहा, “अडानी फाउंडेशन के साथ यह जुड़ाव पांच राज्यों के हजारों बच्चों तक उच्च गुणवत्ता वाले इलाज की पहुंच सुनिश्चित करेगा, ताकि यह बीमारी उनके सपनों और अवसरों में बाधा न बने।” 11 अगस्त को अपनी 30वीं वर्षगांठ मनाने जा रहा अडानी फाउंडेशन और देश के 13 राज्यों में सक्रिय अनुष्का फाउंडेशन मिलकर इस सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट को दूर करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।



