मुंबई। अदाणी एयरपोर्ट्स मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल 1B के नॉर्थ सेक्शन का आंशिक रीडेवलपमेंट शुरू करेगा। मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (MIAL) के मुताबिक, पुराने टर्मिनल से जुड़ी सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए रीडेवलपमेंट का पहला चरण जनवरी 2027 से शुरू होगा। कंपनी का कहना है कि इस दौरान मुंबई एयरपोर्ट के करीब 91 प्रतिशत पैसेंजर ट्रैफिक पर असर नहीं पड़ेगा।

जनवरी 2027 से शुरू होगा T1 का रीडेवलपमेंट

मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 के भविष्य को लेकर एयरलाइंस के साथ 2020 से व्यापक स्तर पर बातचीत चल रही है। पहले चरण में सिर्फ टर्मिनल 1B के नॉर्थ सेक्शन को रीडेवलप किया जाएगा, ताकि एयरलाइंस के ऑपरेशन और यात्रियों को होने वाली परेशानी को सीमित रखा जा सके। MIAL के मुताबिक, इस हिस्से से करीब 5 मिलियन पैसेंजर प्रति वर्ष का ट्रैफिक जुड़ा है।

रीडेवलपमेंट के बाद टर्मिनल 1 की क्षमता मौजूदा करीब 15 MPPA से बढ़कर 20 MPPA हो जाएगी। यानी क्षमता में करीब 33 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी।

करीब 55 मिलियन यात्रियों में से 5 मिलियन पर अस्थायी असर

मुंबई एयरपोर्ट हर साल करीब 55 मिलियन यात्रियों को संभालता है। कंपनी के अनुसार, रीडेवलपमेंट के चलते करीब 5 मिलियन पैसेंजर ट्रैफिक को कुछ समय के लिए प्रभावित ऑपरेशनल बदलावों से गुजरना पड़ेगा, जबकि करीब 91 प्रतिशत यात्री ट्रैफिक अप्रभावित रहेगा।

अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड के CEO अरुण बंसल ने कहा कि पुराने इंफ्रास्ट्रक्चर के रीडेवलपमेंट के बावजूद पैसेंजर ट्रैफिक के बड़े हिस्से पर असर नहीं पड़ेगा। उनके मुताबिक, फेज-1 में सिर्फ T1B के नॉर्थ सेक्शन को हटाया जाएगा ताकि यात्रियों की परेशानी और ऑपरेशनल रुकावट को कम किया जा सके।

एयरलाइंस को नवी मुंबई एयरपोर्ट जाने का विकल्प

मुंबई एयरपोर्ट पर ऑपरेशन जारी रखने और यात्रियों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए एयरलाइंस को अपने कुछ ऑपरेशन अस्थायी रूप से नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट में शिफ्ट करने का विकल्प दिया गया है। MIAL ने एयरलाइंस के साथ इस बदलाव को लेकर समन्वय शुरू कर दिया है।

रिपोर्टों के मुताबिक, 1 अक्टूबर से अंतरराष्ट्रीय एयर ट्रैफिक के एक हिस्से को नवी मुंबई एयरपोर्ट की ओर शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू हुई है। इसके बाद T1 से जुड़े एयर ट्रैफिक के एक हिस्से को मुंबई एयरपोर्ट के T2 में भी स्थानांतरित किया जाना है।

नवी मुंबई एयरपोर्ट पर नई इंटरनेशनल फ्लाइट्स के लिए छूट

अदाणी एयरपोर्ट्स के मुताबिक, नवी मुंबई एयरपोर्ट नई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए लैंडिंग फीस पर 100 प्रतिशत छूट दे रहा है। इसके अलावा मुंबई और नवी मुंबई एयरपोर्ट के बीच यूजर डेवलपमेंट फीस यानी UDF के अंतर को पूरा करने के लिए अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को कैश वाउचर देने की योजना भी बताई गई है।

कंपनी के अनुसार, नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट में अतिरिक्त यात्री ट्रैफिक को संभालने के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर और क्षमता मौजूद है।

एयरलाइंस के ऐतिहासिक स्लॉट बहाल करने का दावा

अदाणी एयरपोर्ट्स के अनुसार, टर्मिनल 1 के रीडेवलपमेंट के बाद मुंबई एयरपोर्ट पर एयरलाइंस के ऐतिहासिक स्लॉट बहाल किए जाएंगे और अतिरिक्त स्लॉट भी उपलब्ध कराए जाएंगे। कंपनी ने कहा है कि नवी मुंबई एयरपोर्ट की ओर होने वाला बदलाव अस्थायी है और इसका उद्देश्य मुंबई एयरपोर्ट के T1 के फेज्ड रीडेवलपमेंट को संभव बनाना है।

हालांकि, एयरलाइंस ने प्रस्तावित बदलावों को लेकर अपनी चिंताएं भी जताई हैं। इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) ने भी ट्रांजिशन व्यवस्था को लेकर नागरिक उड्डयन मंत्रालय के हस्तक्षेप की मांग की है।

T1 की सुरक्षा को लेकर लंबे समय से चर्चा

कंपनी ने कहा है कि टर्मिनल 1 से जुड़ी सुरक्षा चिंताओं पर लंबे समय से चर्चा होती रही है। इस साल अप्रैल में टर्मिनल 1 में आग की घटना के बाद पुराने इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े ऑपरेशनल रिस्क को लेकर चिंता और बढ़ी।

अब नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के विकल्प के उपलब्ध होने के बाद T1 को चरणबद्ध तरीके से बंद कर रीडेवलप करने की योजना आगे बढ़ाई जा रही है।

मुंबई एयरपोर्ट की क्षमता बढ़ाने की भी योजना

टर्मिनल 1 के रीडेवलपमेंट के साथ मुंबई एयरपोर्ट की एयरसाइड क्षमता बढ़ाने की भी योजना है। MIAL आने वाले वर्षों में एयरसाइड प्रोजेक्ट्स पर करीब 2,000 करोड़ रुपये निवेश करने की योजना बना रहा है। इसका उद्देश्य पीक-ऑवर क्षमता को मौजूदा करीब 46 एयरक्राफ्ट मूवमेंट से बढ़ाकर 55 तक करना है।

'धनराज के राज और IAS अफसर जिंदाबाद' । पॉवर सेंटर WITH VIRENDRA SINGH ।

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