जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गुलमर्ग में सोमवार को गोंडोला रोपवे में तकनीकी खराबी आने से अफरा-तफरी मच गई। खराब मौसम के बीच रोपवे के कई केबिन बेस स्टेशन और फेज-1 कोंगडोरी के बीच हवा में रुक गए, जिनमें बड़ी संख्या में पर्यटक फंस गए। शुरुआती जानकारी के मुताबिक करीब 65 केबिन प्रभावित हुए थे, जिनमें से 55 में यात्री मौजूद थे।

सेना, पुलिस और SDRF ने संभाला मोर्चा

घटना की सूचना मिलते ही जम्मू-कश्मीर पुलिस, भारतीय सेना और SDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं। सेना की बुटापथरी बटालियन ने तुरंत तीन कैजुअल्टी असिस्टेंस टीमों को तैनात किया और कठिन पहाड़ी इलाके में राहत कार्य के लिए ऑल टेरेन व्हीकल भी भेजे गए। स्थानीय प्रशासन, रोपवे तकनीकी टीम और गुलमर्ग ATV एसोसिएशन के स्वयंसेवकों ने भी रेस्क्यू ऑपरेशन में सहयोग किया।

184 यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया

अधिकारियों के अनुसार देर शाम तक 184 यात्रियों को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया था। फेज-1 की ओर से 94 और बेस स्टेशन की ओर से 90 यात्रियों को रेस्क्यू किया गया। बचाव अभियान के दौरान बच्चों, बुजुर्गों और मेडिकल सहायता की जरूरत वाले लोगों को प्राथमिकता दी गई। राहत टीम लगातार केबिन में फंसे यात्रियों से संपर्क बनाए रखे हुए थी ताकि किसी तरह की घबराहट न फैले।

मेजर जनरल मनोज जोशी ने दी जानकारी

19 डिवीजन के जीओसी मेजर जनरल मनोज जोशी ने मीडिया को बताया कि पूरा ऑपरेशन तेज, सुनियोजित और मल्टी एजेंसी समन्वय के तहत चलाया गया। फिलहाल तकनीकी टीम खराबी की जांच में जुटी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि गोंडोला सेवा पूरी तरह सुरक्षित घोषित होने तक इलाके से दूर रहें।

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