Dust Free Roads in NCR : पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शहरों की सड़कों का नेचर आने वाले समय में पूरी तरह से बदल सकता है। उत्तर प्रदेश पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (PWD) ने पॉल्यूशन कम करने और लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। डिपार्टमेंट को राज्य के NCR रीजन के शहरों में सड़कों को डस्ट-फ्री और ग्रीन रोड बनाने की जिम्मेदारी दी गई है।
इस स्कीम के तहत नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, हापुड़, बागपत, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर जैसे जिलों में रोड डिजाइन में बदलाव और इंटर-कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने का काम किया जाएगा। इसका मकसद सड़क पर उड़ने वाली धूल को कम करना, प्रदूषण कम करना और लोगों को सुरक्षित और सुविधाजनक सफर देना है।
वही डिपार्टमेंट के अधिकारियों के अनुसार, पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट ने इस प्रोजेक्ट के लिए सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट (CRRI), स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA) और कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) के साथ टाई-अप किया है। इन एजेंसियों की मदद से सड़कों का नया डिजाइन तैयार किया जाएगा।
सबसे पहले सड़कों का सर्वे किया जाएगा
अधिकारियों के मुताबिक, सबसे पहले सड़कों का सर्वे किया जाएगा। जिन जगहों पर धूल की बहुत ज़्यादा समस्या है, सड़क के किनारे कच्चे इलाके हैं या ट्रैफिक का दबाव है, वहां बदलाव किए जाएंगे। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर, धीरे-धीरे कंस्ट्रक्शन का काम शुरू किया जाएगा। स्कीम के तहत सड़कों पर कई नए बदलाव देखने को मिलेंगे।
ग्रीन बेल्ट डेवलप की जाएंगी, धूल रोकने के लिए मॉडर्न डिज़ाइन अपनाए जाएंगे, रोड सेफ्टी के लिए नए इंतज़ाम किए जाएंगे, ट्रैफिक फ्लो को बेहतर बनाया जाएगा और 12 मीटर या उससे ज़्यादा चौड़ी सड़कों को प्रायोरिटी दी जाएगी।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा को मिलेगा खास फायदा
नोएडा और ग्रेटर नोएडा ऐसा इंडस्ट्रियल शहर हैं, जहां आबादी और गाड़ियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। एयरपोर्ट, फिल्म सिटी और कई दूसरे बड़े प्रोजेक्ट्स को देखते हुए रोड नेटवर्क को बेहतर बनाने की तैयारी की जा रही है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और आस-पास के इलाकों में बेहतर कनेक्टिविटी से लोगों का सफर आसान होगा और ट्रैफिक जाम की समस्या कम करने में मदद मिलेगी।
पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट के अधिकारियों के मुताबिक, इस पूरी योजना का मकसद पश्चिमी UP के बड़े शहरों को प्रदूषण-मुक्त और बेहतर रोड नेटवर्क देना है। CRRI और SPA रोड का डिजाइन तैयार करेंगे, जिसके बाद प्रपोजल को फाइनल अप्रूवल मिलने के बाद इसे जमीन पर उतारा जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इस पहल से सड़क हादसे कम होंगे, प्रदूषण कंट्रोल करने में मदद मिलेगी और लोगों का सफर पहले से ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक होगा।












