मीरपुर (PoK): पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoK) में विधानसभा चुनावों के बीच पाकिस्तान ने करीब 2100 सेना कर्मियों को तैनात किया है। ये तैनाती पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों की कई परतों के साथ की गई है।
Dawn के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था की पहली परत में पुलिस, Pakistan Rangers (Punjab), Pakistan Rangers (Sindh) और Federal Constabulary शामिल हैं। दूसरी परत में Pakistan Army और तीसरी परत में अन्य सुरक्षा बल तैनात हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 2100 सेना कर्मियों को भी तैनात किया जाएगा, जबकि Quick Response Force की टीमें किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहेंगी। इसके अलावा पुलिस और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों के 18,560 कर्मियों को भी तैनात किया गया है।
इस बीच Joint Awami Action Committee ने मतदान के पहले चरण में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। समिति ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि मीरपुर डिवीजन में चुनाव से पहले ही धांधली और गड़बड़ी के संकेत दिखाई दे रहे हैं।
समिति ने आरोप लगाया कि कोटली के कई मतदान केंद्रों पर सुबह 8 बजे मतदान शुरू होना था, लेकिन 10 बजे तक भी कई जगहों पर मतदान शुरू नहीं हुआ और मतदाताओं को वोट डालते हुए नहीं देखा गया। समिति ने कोटली को पूरी तरह बंद बताया।
Arab News के अनुसार, Joint Awami Action Committee ने चुनाव का बहिष्कार किया है और शरणार्थियों के लिए आरक्षित 12 सीटों को खत्म करने की मांग की है। वहीं Pakistan Tehreek-e-Insaf की PoK इकाई ने चुनाव को दिखावा बताते हुए कहा कि लोगों ने मतदान को खारिज कर दिया है।
JAAC ने जून में अपनी मांगों का चार्टर जारी किया था, जिसमें सत्ता प्रतिष्ठान के विशेषाधिकार खत्म करने, पाकिस्तान आधारित शरणार्थियों के लिए आरक्षित विधानसभा सीटें समाप्त करने, मुफ्त स्वास्थ्य सेवा और समान शिक्षा, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की स्थापना और रोजगार कोटा खत्म करने जैसी मांगें शामिल थीं।













