प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हाल ही में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का फोन आया, जिसमें दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में सुरक्षा हालात और होर्मुज जलडमरूमध्य में नेविगेशन की आज़ादी को बहाल करने की ज़रूरत पर चर्चा की। पीएम मोदी ने इस मौके पर कहा कि भारत और फ्रांस इस क्षेत्र और उससे आगे की स्थिरता के लिए अपने सहयोग को मजबूत करेंगे। उन्होंने X पर इस वार्ता की जानकारी देते हुए कहा कि यह क्षेत्र और उससे आगे शांति और स्थिरता के लिए दोनों देशों का संकल्प मजबूत होगा।

पिछले कुछ महीनों से, वेस्ट एशिया और गल्फ क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति तेजी से बदल रही है, और भारत इन मुद्दों पर उच्च स्तरीय संवाद बनाए रखे हुए है। इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति से मार्च में भी इस क्षेत्र के तनाव पर बातचीत की थी और दोनों ने शांति व स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति व्यक्त की थी।

इससे पहले मंगलवार को, पीएम मोदी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी फोन आया था, जिसमें दोनों ने होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और उसकी आज़ादी को सुनिश्चित करने की बात की थी। प्रधानमंत्री मोदी और ऑस्ट्रियाई चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर ने भी सुरक्षित समुद्री रास्तों के महत्व पर जोर दिया।

फ्रांस और ब्रिटेन की संयुक्त बैठक, जो इस हफ्ते पेरिस में होगी, का उद्देश्य 40 से ज्यादा देशों को एक साथ लाकर होर्मुज जलडमरूमध्य में नेविगेशन की आज़ादी को सुनिश्चित करना है।

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