लखनऊ: उत्तर प्रदेश, बिहार, कर्नाटक और महाराष्ट्र की विधान परिषद सीटों के चुनाव नतीजों ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। कुल 28 सीटों के लिए मतगणना पूरी हो चुकी है, जबकि एक सीट पर अंतिम परिणाम आना बाकी है। उत्तर प्रदेश की 11 सीटों में से बीजेपी ने अब तक 6 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि समाजवादी पार्टी (सपा) 4 सीटें जीत चुकी है और एक सीट पर आगे है। वाराणसी में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा। वहीं, गोरखपुर में कांटे के मुकाबले में बीजेपी ने जीत दर्ज की। इन नतीजों को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी तेज होने के आसार हैं।
वाराणसी से नागपुर तक बीजेपी को झटका
विधान परिषद चुनाव में बीजेपी को कई अहम सीटों पर हार का सामना करना पड़ा है। वाराणसी में सपा ने अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी, जबकि महाराष्ट्र के नागपुर में कांग्रेस ने जीत दर्ज की। इन नतीजों ने बीजेपी के लिए राजनीतिक चुनौती बढ़ा दी है।
वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है, जबकि नागपुर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का मुख्यालय होने के साथ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का गृह क्षेत्र भी है।
गोरखपुर में बीजेपी की कांटे की टक्कर में जीत
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में बीजेपी प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने कड़े मुकाबले में जीत दर्ज की। मतगणना के दौरान वोटों के उतार-चढ़ाव के बीच उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी निर्दलीय उम्मीदवार राजीव यादव को 307 मतों से हराया।
- ध्रुव कुमार त्रिपाठी (बीजेपी): 14,887 वोट
- राजीव यादव (निर्दलीय): 14,580 वोट
- जीत का अंतर: 307 वोट
गोरखपुर में मिली इस जीत से बीजेपी को राहत जरूर मिली, लेकिन अन्य महत्वपूर्ण सीटों पर मिली हार ने पार्टी की चुनावी रणनीति को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
वाराणसी शिक्षक सीट पर लाल बिहारी यादव की दूसरी जीत
वाराणसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में समाजवादी पार्टी के लाल बिहारी यादव ने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की। उन्होंने बीजेपी के डॉ. प्रमोद मिश्रा को 5,015 वोटों से हराया।
- लाल बिहारी यादव (सपा): 11,612 वोट
- डॉ. प्रमोद मिश्रा (बीजेपी): 6,597 वोट
- जीत का अंतर: 5,015 वोट
वाराणसी में सपा की इस जीत को पार्टी के लिए अहम माना जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में बीजेपी की हार ने चुनावी नतीजों को और चर्चा में ला दिया है।
पटना स्नातक सीट पर जेडीयू के नीरज कुमार जीते
बिहार के पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के नीरज कुमार ने आरजेडी के दिलीप राय को हराया। इस सीट पर नीरज कुमार और जन सुराज के अनुज सिंह के बीच भी कड़ा मुकाबला देखने को मिला।
पटना सीट के नतीजे को बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन के राजनीतिक प्रभाव वाले क्षेत्र के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नागपुर में कांग्रेस के अभिजीत वंजारी की लगातार दूसरी जीत
महाराष्ट्र के नागपुर स्नातक विधान परिषद निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस नेता अभिजीत गोविंदराव वंजारी ने लगातार दूसरी बार जीत हासिल की। इससे पहले दिसंबर 2020 में भी उन्होंने नागपुर स्नातक सीट पर जीत दर्ज की थी।
पेशे से अधिवक्ता और शिक्षाविद् अभिजीत वंजारी लंबे समय से कांग्रेस से जुड़े हुए हैं। नागपुर में उनकी जीत कांग्रेस के लिए अहम मानी जा रही है, क्योंकि यह क्षेत्र राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मुख्यालय होने के साथ-साथ महाराष्ट्र की राजनीति में भी महत्वपूर्ण स्थान रखता है।
यूपी में सपा की बढ़त से बीजेपी की बढ़ी चिंता
उत्तर प्रदेश में विधान परिषद चुनाव के नतीजे समाजवादी पार्टी के लिए उत्साह बढ़ाने वाले रहे हैं। वर्ष 2020 के एमएलसी चुनाव में सपा केवल तीन सीटें जीत पाई थी, जबकि इस बार पार्टी ने अपनी स्थिति मजबूत की है।
इस बार सपा ने आगरा और लखनऊ की स्नातक सीटों पर भी जीत दर्ज की है। उपलब्ध चुनावी आंकड़ों के मुताबिक, पार्टी पांच सीटें जीतने की ओर बढ़ रही है। हालांकि, अंतिम परिणामों की आधिकारिक स्थिति के अनुसार ही सीटों की कुल संख्या तय होगी।
शिक्षित मतदाताओं के रुझान पर टिकी राजनीतिक नजरें
शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव आम चुनावों से अलग होते हैं। इनमें शिक्षकों, वकीलों, डॉक्टरों, प्रोफेसरों और अन्य पात्र स्नातक मतदाताओं की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
ऐसे में इन सीटों पर आए नतीजों को राजनीतिक दलों के लिए अहम संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। उत्तर प्रदेश में सपा की बढ़त और कुछ प्रमुख क्षेत्रों में बीजेपी की हार ने राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है। अब इन परिणामों का आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति पर क्या असर पड़ेगा, इस पर सभी दलों की नजर रहेगी।














