दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव के नतीजों के बाद संयुक्त सचिव पद के उम्मीदवार रहे विशेष यादव ने री-पोलिंग की मांग की है। उन्होंने मतगणना में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि वह गिनती के अधिकांश राउंड में आगे चल रहे थे, लेकिन 20वें राउंड के बाद अचानक परिणाम बदल गया और लक्ष्य राज सिंह को विजेता घोषित कर दिया गया।
उपलब्ध परिणामों के अनुसार संयुक्त सचिव पद पर लक्ष्य राज सिंह को 16,615 वोट मिले, जबकि विशेष यादव को 15,778 वोट मिले।
20वें राउंड को लेकर उठाए सवाल
विशेष यादव ने दावा किया कि वह हर राउंड में आगे चल रहे थे। उनके मुताबिक 20वें राउंड में छह EVM से वोटों की गिनती हुई और इसके कुछ देर बाद लक्ष्य राज सिंह की जीत की घोषणा कर दी गई।
उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि वह अचानक करीब 700 वोटों से पीछे हो गए। यादव ने दावा किया कि आखिरी राउंड में जिन छह EVM की गिनती हुई, उनमें उनके करीब 1,600 वोट और लक्ष्य राज के करीब 900 वोट दिखाई दिए थे।
उनका आरोप है कि बाद में हुई किसी बैठक के बाद वोटों की स्थिति बदल गई और उनके वोट लक्ष्य राज के खाते में तथा लक्ष्य राज के वोट उनके हिस्से में दिखा दिए गए। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी का लगाया आरोप
विशेष यादव ने आरोप लगाया कि संगठन चुनाव के दौरान या वोटों की गिनती में गड़बड़ी करता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि छात्रों पर संगठन के पक्ष में वोट देने का दबाव बनाया जाता है और ऐसा नहीं करने पर अटेंडेंस काटने की धमकी दी जाती है।
यादव ने कहा कि यह किसी उम्मीदवार के खिलाफ खुली धांधली है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों से कहा कि उनकी लड़ाई चुनाव के साथ खत्म नहीं हुई है और वह छात्रों के मुद्दों के लिए आगे भी लड़ते रहेंगे।
री-पोलिंग और FIR की बात
विशेष यादव ने कहा कि वह दोबारा चुनाव यानी री-पोल की मांग कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि वह कथित धांधली के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ FIR भी दर्ज कराएंगे।
उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान भी वह छात्रों से कहते थे कि छात्रों के लिए उनकी लड़ाई केवल चुनाव तक सीमित नहीं है। अब उन्होंने कहा है कि वह इस मामले को आगे भी उठाते रहेंगे, ताकि भविष्य में चुनाव लड़ने वाले छात्रों को ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े।













