मुंबई: देश के कॉरपोरेट जगत और शेयर बाजार से इस वक्त की एक बहुत बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, देश के अग्रणी माइनिंग और मेटल समूह ‘वेदांता ग्रुप’ से जुड़े विभिन्न परिसरों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़ा तलाशी अभियान शुरू किया है सूत्रों के मुताबिक प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने वेदांता ग्रुप से जुड़े परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया है। दिग्गज उद्योगपति अनिल अग्रवाल के इस ग्रुप पर यह कार्रवाई कथित तौर पर फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA) के नियमों के उल्लंघन से जुड़ी एक गहन जांच के सिलसिले में की गई है यह कार्रवाई कथित तौर पर Foreign Exchange Management Act यानी FEMA के उल्लंघन से जुड़ी जांच के सिलसिले में की गई है।, वेदांता ग्रुप उद्योगपति अनिल अग्रवाल से जुड़ा देश का बड़ा खनन और मेटल समूह है।
फंड फ्लो और विदेशी लेनदेन के रिकॉर्ड की जांच
मामले से जुड़े सूत्रों का कहना है कि ED की विशेषज्ञ टीमें ग्रुप के विदेशी वित्तीय लेनदेन, फंड फ्लो (फंड के प्रवाह), अहम व्यावसायिक दस्तावेजों और कथित फेमा उल्लंघन से जुड़े सभी डिजिटल व कागजी रिकॉर्ड्स की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं सूत्रों के मुताबिक ED की टीम विदेशी लेनदेन, फंड फ्लो, दस्तावेजों और कथित FEMA उल्लंघन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है।]। इस अचानक हुई कार्रवाई के बाद से ही देश के कॉरपोरेट सेक्टर में भारी हलचल देखी जा रही है।
बाजार और निवेशकों पर असर की आशंका
फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर न तो जांच एजेंसी ईडी (ED) की तरफ से और न ही वेदांता ग्रुप प्रबंधन की तरफ से कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है। बाजार के जानकारों का मानना है कि यदि यह कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ती है या कोई गंभीर वित्तीय गड़बड़ी सामने आती है, तो आने वाले दिनों में इसका सीधा असर कंपनी के शेयरों, निवेशकों के भरोसे और घरेलू कॉरपोरेट सेक्टर की धारणा पर भी साफ तौर पर देखने को मिल सकता है।














