नई दिल्ली: Apollo Hospitals Enterprises Limited से जुड़े बहुचर्चित FEMA (Foreign Exchange Management Act) मामले में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने compounding order जारी करते हुए कार्यवाही समाप्त कर दी है। कंपनी ने मामले के निपटारे के लिए करीब ₹17.77 करोड़ जमा किए, जबकि Apollo समूह से जुड़े पांच अधिकारियों ने अलग-अलग ₹18-18 लाख का भुगतान किया।
₹2,424 करोड़ के विदेशी निवेश से जुड़ा था मामला
यह मामला विदेशी निवेश से जुड़े कथित FEMA उल्लंघनों से संबंधित था। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में आरोप लगाया गया था कि Apollo Hospitals ने ऐसे क्षेत्र में विदेशी निवेश प्राप्त किया, जहां FDI पर प्रतिबंध या विशेष शर्तें लागू थीं।
कई गंभीर आरोप जांच के दायरे में
जांच के दौरान बिना आवश्यक सरकारी मंजूरी विदेशी निवेश लेने, FCCB जारी करने, FII-PIS Route के तहत निर्धारित सीमा से अधिक विदेशी निवेश स्वीकार करने और Multi-Brand Retail Trading से जुड़े Foreign Shareholding Cap के उल्लंघन जैसे मुद्दे सामने आए थे।
ED की NOC के बाद RBI ने जारी किया Compounding Order
ED ने जांच पूरी कर Adjudicating Authority के समक्ष शिकायत दाखिल की थी। इसके बाद Apollo Hospitals ने RBI के समक्ष compounding के लिए आवेदन किया। RBI ने इस संबंध में ED से राय मांगी और ED की “No Objection” मिलने के बाद मामला जुर्माना लगाकर निपटा दिया गया।
कंपनी और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई समाप्त
Compounding Order जारी होने के बाद Apollo Hospitals और समूह से जुड़े पांच अधिकारियों के खिलाफ FEMA adjudication proceedings समाप्त हो गई हैं। निर्धारित राशि जमा करने के साथ ही नियामकीय कार्रवाई का औपचारिक निपटारा कर दिया गया।
Compounding पर उठ रहे सवाल
यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें केवल तकनीकी त्रुटियों के नहीं, बल्कि हजारों करोड़ रुपये के विदेशी निवेश से जुड़े कथित FEMA उल्लंघनों के आरोप थे। ऐसे में यह सवाल उठ रहे हैं कि ED जांच, FDI नियमों के उल्लंघन और Sectoral Caps Breach जैसे गंभीर बिंदुओं वाले मामले को compounding के जरिए किन आधारों पर बंद किया गया।



