बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ उत्तर प्रदेश में भी एक्टिव हो गया है। इसी के साथ धीरे-धीरे कमजोर भी पड़ रहा है। लेकिन दक्षिण अंडमान सागर में एक नया मौसमी सिस्टम विकसित हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, नया निम्न दबाव क्षेत्र अगले 48 घंटों में और मजबूत हो सकता है। इससे बंगाल की खाड़ी और आसपास के इलाकों में मौसम में बदलाव की आशंका है।
अर्नब का सिस्टम छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ा, अब कमजोर होकर निम्न दबाव क्षेत्र बना
IMD के 29 अक्टूबर के बुलेटिन के मुताबिक, चक्रवात ‘अर्नब’ का अवशेष पहले दक्षिण छत्तीसगढ़ और उससे लगे दक्षिण ओडिशा के ऊपर डिप्रेशन के रूप में सक्रिय था। बाद में यह कमजोर होकर मध्य छत्तीसगढ़ के ऊपर एक अच्छी तरह चिह्नित निम्न दबाव क्षेत्र में बदल गया। इसका केंद्र जगदलपुर के पश्चिम में दर्ज किया गया था। मौसम विभाग के अनुसार, इसके उत्तर-पूर्व दिशा में बढ़ते हुए और कमजोर होने की संभावना थी।
दक्षिण अंडमान सागर में नया मौसमी सिस्टम
मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण अंडमान सागर में 29 अक्टूबर की सुबह निम्न दबाव क्षेत्र बना था। इसके अगले 24 घंटों में और संगठित होने तथा उसके बाद दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्र में डिप्रेशन में बदलने की संभावना जताई गई थी। यानी फिलहाल नए सिस्टम के डिप्रेशन बनने का अनुमान है, इसे नया चक्रवाती तूफान घोषित नहीं किया गया है।
सागर में भी बदला मौसम, तापमान में गिरावट
दिए गए मौसम विवरण के अनुसार, मध्य प्रदेश के सागर में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 23.9 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। चक्रवात के प्रभाव से मौसम में बदलाव और बादल छाए रहने की स्थिति बनी हुई है। सागर में 2 नवंबर तक बादल छाए रहने और बारिश होने का अनुमान जताया गया है।
आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में बारिश की संभावना
नए मौसमी सिस्टम के आगे बढ़ने से आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में भी बारिश की संभावना है। IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, 2 और 3 नवंबर को तटीय आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। मछुआरों के लिए समुद्र में न जाने की सलाह भी जारी की गई है।
फिलहाल मौसम विभाग नए सिस्टम की लगातार निगरानी कर रहा है। इसकी दिशा और तीव्रता में बदलाव के आधार पर आगे का मौसम पूर्वानुमान जारी किया जाएगा।













