डेस्क : कैसरगंज के पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह और योग गुरु बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि के बीच चल रहा विवाद अब अदालत तक पहुंच चुका है। पतंजलि फूड्स लिमिटेड ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ 50 करोड़ रुपये की मानहानि का दावा दायर किया है। मामला कंपनी के घी की गुणवत्ता को लेकर पूर्व सांसद की सार्वजनिक टिप्पणियों से जुड़ा है।
सार्वजनिक मंच से घी की गुणवत्ता पर उठाए थे सवाल
बता दे कि विवाद की जड़ बृजभूषण शरण सिंह के पुराने बयानों में बताई जा रही है। वर्ष 2022 में उन्होंने सार्वजनिक मंच से पतंजलि के घी को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने लोगों से घर में गाय या भैंस पालने और दूध-घी के लिए खुद पर निर्भर रहने की अपील भी की थी। इसके बाद बृजभूषण शरण सिंह और बाबा रामदेव के बीच बयानबाजी सामने आई थी। इसके बाद भी पतंजलि के उत्पादों को लेकर बृजभूषण शरण सिंह की टिप्पणियां सामने आती रहीं। अगस्त 2026 में भी उन्होंने पतंजलि के उत्पादों और घी की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए थे।
कंपनी ने ब्रांड इमेज और आर्थिक नुकसान का दिया हवाला
मामले की पैरवी कर रहे पतंजलि के अधिवक्ता विक्रम मालवीय ने अदालत में तर्क दिया कि बृजभूषण शरण सिंह की टिप्पणियों से कंपनी की प्रतिष्ठा प्रभावित हुई। कंपनी की ओर से यह भी दावा किया गया कि विवादित बयानों का असर शेयर मूल्य पर पड़ा और उसे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। पतंजलि फूड्स का पंजीकृत कार्यालय इंदौर के विजय नगर क्षेत्र में होने के कारण मामला पहले इंदौर जिला अदालत में पहुंचा था। बाद में कानूनी कार्यवाही आगे बढ़ने के साथ मामला मध्य प्रदेश हाई कोर्ट तक पहुंचा। सितंबर में हुई सुनवाई के दौरान बृजभूषण शरण सिंह की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा गया था।
18 सितंबर को सुनवाई
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई 18 सितंबर 2026 को निर्धारित की गई थी। ऐसे में आज की सुनवाई पर दोनों पक्षों की दलीलों और अदालत की कार्यवाही पर नजर रहेगी।
पिथौरागढ़ में पतंजलि घी पर जुर्माने का पुराना मामला
इस विवाद के बीच पतंजलि के घी से जुड़ा उत्तराखंड का एक पुराना मामला भी चर्चा में है। रिपोर्टों के मुताबिक, पिथौरागढ़ में खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में पतंजलि के घी का सैंपल निर्धारित मानकों पर खरा नहीं उतरा था। दोबारा जांच में भी सैंपल फेल होने के बाद मामला अदालत पहुंचा और 2025 में पतंजलि पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। हालांकि, यह पुराना खाद्य-गुणवत्ता मामला और बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ दायर वर्तमान मानहानि दावा अलग-अलग कानूनी मामले हैं।
बृजभूषण का भी पलटवार
मानहानि केस के बीच बृजभूषण शरण सिंह ने भी पतंजलि और बाबा रामदेव पर अपनी टिप्पणियां जारी रखी हैं। 17 सितंबर को उन्होंने कथित तौर पर कहा कि यदि उन्हें जेल भेजा जाता है तो वह जमानत नहीं कराएंगे। कुल मिलाकर, पतंजलि फूड्स और बृजभूषण शरण सिंह के बीच घी की गुणवत्ता को लेकर शुरू हुआ सार्वजनिक विवाद अब 50 करोड़ रुपये के मानहानि दावे तक पहुंच चुका है और इसकी कानूनी प्रक्रिया मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में जारी है।











