आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर 5 अगस्त को तमिलनाडु एक्सप्रेस की जनरल बोगी से बरामद हुए लाल ट्रॉली बैग के रहस्य से पर्दा उठ गया है। इस बैग में मिली कटी हुई लाश के 18 टुकड़ों ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। पुलिस की जांच में जो सच्चाई सामने आई है, उसने सभी को दहलाकर रख दिया है।
मृतका की पहचान हतायुन निशा के रूप में हुई है, जो एक निजी कंपनी में काम करती थी और उसका एक बेटा भी है। पुलिस के अनुसार, महिला की निर्मम हत्या चेन्नई में की गई थी। हैवानियत का आलम यह था कि कत्ल के बाद आरोपियों ने शव के 18 टुकड़े किए और उन्हें बदबू से बचाने के लिए प्रेशर कुकर में मैदा के साथ पकाया। इसके बाद टुकड़ों को पॉलिथीन में लपेटकर लाल ट्रॉली बैग में बंद कर दिया और ट्रेन में लावारिस छोड़ दिया।
मामले की जांच में चेन्नई रेलवे स्टेशन के CCTV फुटेज से बेहद अहम सुराग मिले, जिसमें एक संदिग्ध युवक और युवती लाल ट्रॉली बैग ले जाते साफ दिखाई दिए। इसके बाद जब पुलिस चेन्नई स्थित आरोपी के घर पहुंची, तो वहां बर्तन में शव के कुछ और हिस्से मिलने से हड़कंप मच गया। फिलहाल दोनों संदिग्ध आरोपी फरार हैं और चेन्नई जीआरपी (GRP) इस खौफनाक हत्याकांड की सघन जांच कर रही है।












