उत्तर प्रदेश में दक्षिण-पश्चिमी मानसून सक्रिय रहने के कारण प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में बारिश का दौर लगातार जारी है। रविवार को राज्य के 30 से अधिक जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से लेकर भारी बारिश दर्ज की गई। वहीं उन्नाव में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
26 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी
मौसम विज्ञान विभाग ने सोमवार को उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। बांदा, प्रयागराज, चित्रकूट, कौशांबी, संत रविदास नगर, वाराणसी, चंदौली, मिर्जापुर, सोनभद्र, ललितपुर, झांसी, महोबा, हमीरपुर, फतेहपुर, प्रतापगढ़, जौनपुर, गाजीपुर, कुशीनगर, गोरखपुर, देवरिया, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, बलरामपुर, बहराइच, श्रावस्ती और लखीमपुर खीरी में बारिश की संभावना जताई गई है।
कई जिलों में हुई भारी बारिश
रविवार को बाराबंकी में 12 मिलीमीटर, बहराइच में 20 मिलीमीटर, कन्नौज में 12 मिलीमीटर, वाराणसी में 10 मिलीमीटर, मुजफ्फरनगर में 72 मिलीमीटर, मेरठ में 38 मिलीमीटर, बिजनौर में 28 मिलीमीटर, सहारनपुर में 20 मिलीमीटर और ललितपुर में 17 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
लखनऊ में भी बारिश का अलर्ट
राजधानी लखनऊ में सोमवार को गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार लखनऊ में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
बस्ती रहा सबसे गर्म जिला
रविवार को प्रदेश में बस्ती सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह सामान्य से करीब 2 डिग्री अधिक रहा। वहीं बाराबंकी में न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 4 डिग्री कम है।
बंगाल की खाड़ी के सिस्टम से बढ़े बारिश के आसार
मौसम वैज्ञानिक डॉ. अतुल सिंह के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के कारण अगले 24 घंटों में यह सिस्टम उत्तरी-पश्चिमी दिशा की ओर बढ़ सकता है। इसके प्रभाव से पूर्वांचल में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला कुछ दिनों तक जारी रहने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है, जबकि पश्चिमी यूपी में पछुआ हवाओं की सक्रियता बढ़ने से बारिश की तीव्रता में कमी आने की संभावना है।
उन्नाव में गंगा का जलस्तर बढ़ा, बाढ़ का खतरा
उन्नाव जिले में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से परियर क्षेत्र के ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कई गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। करीब 200 बीघा फसल जलमग्न होने की जानकारी सामने आई है।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर गंगा का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो अगले 3-4 दिनों में नदी किनारे बसे गांवों तक पानी पहुंच सकता है। संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए राजस्व विभाग की टीमें लगातार क्षेत्र में निगरानी कर रही हैं।














