नई दिल्ली: राष्ट्रीय लोक दल ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी जमीनी तैयारी तेज कर दी है। इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन के प्रमुख घटक दल राष्ट्रीय लोक दल (RLD) ने सूबे में अपनी जड़ें और मजबूत करने के लिए एक बहुत बड़ा संगठनात्मक अभियान शुरू किया है। आगामी चुनाव में अपनी सीटों और वोट बैंक को सुरक्षित व विस्तारित करने के उद्देश्य से रालोद प्रमुख और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी के दिल्ली स्थित आधिकारिक आवास पर एक अत्यंत महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें पार्टी के कोर एजेंडे पर विस्तृत चर्चा हुई।
‘टीम RLD’ का गठन किया जाएगा
इस रणनीतिक बैठक में तय किया गया है कि उत्तर प्रदेश के हर गांव और शहरी वार्ड स्तर तक ‘टीम RLD’ का गठन किया जाएगा। जयंत चौधरी ने साफ निर्देश दिए हैं कि पार्टी की पहुंच केवल ब्लॉक या जिला स्तर तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि प्रदेश के हर एक गांव में राष्ट्रीय लोक दल का एक समर्पित और सक्रिय ‘संपर्क सूत्र’ होना अनिवार्य है। यह संपर्क सूत्र सीधे जमीनी कार्यकर्ताओं और आम जनता के बीच कड़ी का काम करेगा, जिससे स्थानीय समस्याओं और राजनीतिक हवा का सटीक फीडबैक सीधे आलाकमान तक पहुंच सके।
रालोद की इस नई रणनीति का मुख्य केंद्र बिंदु ‘बूथ प्रबंधन’ है। पार्टी का पूरा फोकस मतदाताओं को रिझाने के साथ-साथ मतदान के दिन उन्हें बूथ तक सफलतापूर्वक लाने की मुस्तैद व्यवस्था पर है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जाट और किसान बेल्ट के साथ-साथ अब रालोद अन्य अति-पिछड़ी और नई विधानसभा सीटों पर भी अपनी मजबूत दावेदारी ठोकने की फिराक में है। जयंत चौधरी के आवास पर हुए इस महामंथन से साफ है कि 2027 के चुनावी रण में उतरने से पहले रालोद अपने संगठन के बुनियादी ढांचे को इतना अभेद्य बना लेना चाहती है, जिससे सीट शेयरिंग के वक्त एनडीए गठबंधन के भीतर उसकी बार्गेनिंग पावर (दावेदारी) और मजबूत हो सके।













