देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास और जनहित से जुड़े कई क्रांतिकारी फैसलों पर मुहर लगी है। इस महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक में कुल 12 बड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। सरकार ने इस बैठक में समाज के विभिन्न वर्गों, कर्मचारियों, शिक्षा और राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए दूरगामी निर्णय लिए हैं। इस कैबिनेट का सबसे बड़ा और बहुप्रतीक्षित फैसला उपनल (UPNL) कर्मचारियों से जुड़ा है, जिसके तहत सरकार ने उपनल कर्मचारियों को ‘समान कार्य-समान वेतन’ देने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। इसके अलावा, राज्य सरकार ने उत्तराखंड को देश का पूर्ण साक्षर राज्य घोषित करने का भी एक ऐतिहासिक संकल्प लिया है।
शिक्षा और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने संस्कृत शिक्षा नियमावली-2026 को अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही, इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र को राहत देते हुए बिटुमेन (डामर) की कीमतों में होने वाली अप्रत्याशित वृद्धि से निपटने के लिए एक नई और प्रभावी व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया गया है। राज्य के आबकारी विभाग में पारदर्शिता लाने और व्यापारियों को राहत देने के लिए अब होलोग्राम दोहराव (डुप्लीकेशन) होने पर केवल एक ही बार टैक्स वसूला जाएगा।
वैश्विक मंच पर उत्तराखंड की ब्रांडिंग के लिए कैबिनेट ने अंतरराष्ट्रीय हिमालयन कार रैली के भव्य आयोजन को भी मंजूरी दे दी है। कृषि और स्वास्थ्य क्षेत्र की बात करें तो सुगंध एवं हर्बल उत्पादों के वैश्विक निर्यात को बढ़ावा दिया जाएगा, और सेलाकुई केंद्र में दवाओं व खाद्य पदार्थों की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए एक हाई-टेक ‘मिलावट जांच सुविधा’ विकसित की जाएगी। पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए एम्ब्रियो ट्रांसफर (भ्रूण प्रत्यारोपण) तकनीक के इस्तेमाल को मंजूरी दी गई है। वहीं, चारधाम यात्रा के रीढ़ माने जाने वाले घोड़ा-खच्चर संचालकों को आर्थिक राहत देते हुए उनके बीमा प्रीमियम पर सरकार की तरफ से 5% की विशेष सहायता दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, कारागार व्यवस्था में सुधार के लिए उत्तराखंड कारागार नियमावली और कारागार अधीनस्थ सेवा नियमावली में संशोधनों को भी पास कर दिया गया है।














