जयपुर में नूरानी मस्जिद पर एक्शन शुरू हो गया है। 45 साल से ज्यादा पुरानी इस मस्जिद को आज गिराया जा रहा है। इसके लिए एडमिनिस्ट्रेशन ने 3000 पुलिसवालों को तैनात किया है साथ ही, इस पूरे इलाके में 24 घंटे के लिए इंटरनेट भी बंद कर दिया गया है बता दे कि यह मस्जिद 45 साल पहले 1981 में बनी थी। जयपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी (JDA) ने मालवीय नगर में नूरानी मस्जिद को गैर-कानूनी कंस्ट्रक्शन के लिए नोटिस जारी किया था वही बताया जा रहा है कि जहां मस्जिद है, वहां सड़क चौड़ी है। मस्जिद को हटाए बिना यह मुमकिन नहीं है। नूरानी मस्जिद के साथ एक मजार, दो छोटे मंदिर और एक सत्संग भवन को भी हटाया जा रहा है।
1981 में करीब 391 स्क्वायर यार्ड ज़मीन पर बनी थी
जब से JDA ने नूरानी मस्जिद को गिराने का नोटिस जारी किया है, तब से पूरे इलाके में तनाव का महौल है वही मस्जिद कमिटी का दावा है कि नोटिस शुक्रवार रात को दिया गया था और उन्हें काफी समय नहीं मिला कमिटी के मुताबिक, मस्जिद साल 1981 में करीब 391 स्क्वायर यार्ड ज़मीन पर बनी थी और पिछले 45 सालों से यहां रेगुलर तौर पर पांच वक्त की नमाज़ पढ़ी जाती है, जिसमें सैकड़ों लोग शामिल होते हैं… पुलिस अलर्ट मोड में है, इसलिए नूरानी मस्जिद पर बुलडोजर चलाने से पहले पुलिस ने पूरे इलाके में फ्लैग मार्च किया।
प्लाइंट में समझिए नूरानी मस्जिद से जुड़ी जरूरी जानकारी
- नूरानी मस्जिद साल 1981 में करीब 391 स्क्वायर यार्ड ज़मीन पर बनी थी।
- मस्जिद कमिटी का कहना है कि एडमिनिस्ट्रेशन ने 5 मई को नोटिस दिया था कि 8 तारीख को बुलडोज़र चलेगा।
- कमिटी का कहना है कि उन्होंने JDA से मंज़ूर एक हाउसिंग सोसाइटी से ज़मीन खरीदी थी।
- JDA अधिकारियों ने खो नागोरियन इलाके में करीब 1100 स्क्वायर यार्ड दूसरी ज़मीन देने की बात कही।
- जयपुर में आज 24 घंटे के लिए इंटरनेट बंद, पूरे इलाके में 3000 से ज्यादा पुलिस तैनात।
वही प्रशासन ने नूरानी मस्जिद के आस-पास के इलाकों में पुलिस के जवान तैनात कर दिए हैं। पूरे इलाके में करीब 3000 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात हैं, जो किसी भी इमरजेंसी से निपटने के लिए तैयार हैं। वहीं, अफवाहों को रोकने के लिए प्रशासन ने पूरे इलाके में इंटरनेट बंद कर दिया है। मुंबई के ब्रांदा में अवैध मस्जिद पर कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने BMC पर हमला कर दिया। इस दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। जयपुर में नूरानी मस्जिद पर बुलडोजर चलाने के दौरान ऐसी स्थिति न बने, इसलिए जयपुर पुलिस ने पूरी तैयारी कर ली है।
आखिर मस्जिद पर क्यों चला बुलडोजर ?
दरअसल, इस इलाके में जाम की समस्या काफी समय से है, क्योंकि सड़क संकरी है। JDA के मुताबिक, इलाके में सड़क चौड़ी करने का काम होना है। इसके लिए कुछ समय पहले अलग-अलग लोगों को 143 नोटिस जारी किए गए थे। इनमें से 134 घरों पर 22 मई को बुलडोजर चलाया गया था। उस समय कोई धार्मिक स्थल नहीं हटाया गया था। हालांकि, JDA ने साफ कर दिया है कि बाकी 9 प्रॉपर्टी पर भी बुलडोजर चलाया जाएगा। अब सड़क चौड़ी करने के प्रोजेक्ट के तहत नूरानी मस्जिद के साथ-साथ एक मजार, दो छोटे मंदिर और एक सत्संग भवन को भी हटाया जा रहा है।














