देश की राजनीति और सामाजिक सुधारों के लिहाज से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर असम से आ रही है। असम विधानसभा ने आज एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए समान नागरिक संहिता (UCC) बिल को पारित कर दिया है। इस कानून के पास होने के साथ ही असम, उत्तराखंड और गुजरात के बाद समान नागरिक संहिता को लागू करने वाला देश का तीसरा राज्य बन गया है। मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा की सरकार के इस बड़े फैसले के बाद राज्य में जश्न और सियासी बयानबाजी का दौर तेज हो गया है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दी बधाई
असम में यूसीसी बिल पास होने पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने असम की जनता और सरकार को बधाई दी है। गृह मंत्री ने अपने बयान में कहा, “समान नागरिक संहिता (UCC) की शुरुआत से ही भारतीय जनता पार्टी का एक मुख्य और बड़ा संकल्प रहा है। असम में इसका पारित होना देश में समानता और सुधारों की दिशा में एक और मजबूत कदम है।”
क्या बदलेगा इस कानून से?
असम में UCC लागू होने के बाद अब सभी धर्मों और समुदायों के लिए विवाह, तलाक, संपत्ति का अधिकार और उत्तराधिकार जैसे मामलों में एक समान कानून लागू होगा। हालांकि, असम की अनूठी जनसांख्यिकी को देखते हुए इस बिल में कुछ विशेष प्रावधान और कुछ जनजातीय समुदायों को उनकी परंपराओं को सुरक्षित रखने के लिए छूट दिए जाने की भी खबरें हैं, जिसकी विस्तृत गाइडलाइंस जल्द सामने आएंगी।













