देश के 7 करोड़ से अधिक नौकरीपेशा कर्मचारियों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की तरफ से एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। भविष्य में पीएफ (PF) का पैसा निकालना पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा आसान और तेज होने वाला है। केंद्र सरकार और ईपीएफओ जल्द ही एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए पीएफ निकासी के लिए ‘यूपीआई (UPI) आधारित सिस्टम’ शुरू करने जा रहे हैं। इस नए डिजिटल सिस्टम की मदद से ईपीएफओ के सदस्य अपनी बचत का पैसा सीधे अपने बैंक खाते में तुरंत ट्रांसफर कर सकेंगे।
टेस्टिंग हुई पूरी, केंद्रीय श्रम मंत्री ने दी जानकारी
केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया ने इस ऐतिहासिक तकनीकी बदलाव की आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया कि इस नई सुविधा की टेस्टिंग (परीक्षण) सफलतापूर्वक पूरी की जा चुकी है। केंद्रीय मंत्री ने कहा, “हमने इस अत्याधुनिक सुविधा की टेस्टिंग को पूरा कर लिया है, जिसके तहत ईपीएफओ सदस्य अब यूपीआई पेमेंट गेटवे का उपयोग करके ईपीएफ (EPF) राशि की निकासी कर सकेंगे। यह निकाली गई रकम बिना किसी देरी के सीधे सदस्य के सत्यापित बैंक खाते में जमा कर दी जाएगी।”
वर्तमान व्यवस्था के तहत ईपीएफओ सदस्यों को पीएफ निकासी के लिए ऑनलाइन या ऑफलाइन क्लेम फॉर्म जमा करना पड़ता है। इसके बाद क्लेम की प्रोसेसिंग में लंबा वक्त लगता है, जो कई कर्मचारियों के लिए काफी जटिल और थकाऊ प्रक्रिया साबित होती है। इस नए यूपीआई-बेस्ड सिस्टम का मुख्य उद्देश्य कागजी कार्रवाई को न्यूनतम करना और अंशधारकों को उनकी जमा पूंजी तक त्वरित पहुंच प्रदान करना है। अधिकारियों के अनुसार, सदस्य निकासी के लिए उपलब्ध कुल राशि की जांच कर सकेंगे और अपनी लिंक्ड यूपीआई आईडी (UPI ID) तथा पिन (PIN) का उपयोग करके सीधे अपने आधार-संबद्ध बैंक खातों में फंड ट्रांसफर कर पाएंगे। पैसा ट्रांसफर होने के बाद यूजर्स उसका इस्तेमाल ऑनलाइन भुगतान या एटीएम से नकदी निकालने के लिए स्वतंत्र रूप से कर सकेंगे।
वेरिफाइड व्हाट्सअप सपोर्ट और 24 घंटे सेवा
श्रम मंत्रालय ईपीएफओ सदस्यों की शिकायतों और संचार को बेहतर बनाने के लिए व्हाट्सअप (WhatsApp) आधारित ग्राहक सहायता सेवा भी लॉन्च करने की तैयारी में है। इसके शुरू होने के बाद सदस्य ईपीएफओ के वेरिफाइड व्हाट्सअप नंबर पर सिर्फ एक “Hello” मैसेज भेजकर पीएफ बैलेंस, पिछले पांच लेनदेन का विवरण और क्लेम की वर्तमान स्थिति जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां अपनी स्थानीय भाषा में प्राप्त कर सकेंगे। यह सेवा 24 घंटे उपलब्ध रहेगी, जो विशेष रूप से उन सदस्यों के लिए मददगार होगी जिन्हें डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) या प्रमाणीकरण में दिक्कतें आ रही हैं। उम्मीद है कि यह व्हाट्सअप सेवा एक महीने के भीतर लाइव कर दी जाएगी।
ऑटो-सेटलमेंट लिमिट बढ़कर हुई 5 लाख
इस बीच, ईपीएफओ ने मानवीय हस्तक्षेप के बिना क्लेम निपटाने वाले ‘ऑटो-सेटलमेंट सिस्टम’ का दायरा 1 लाख रुपये से बढ़ाकर सीधे 5 लाख रुपये कर दिया है। इसके तहत बीमारी, शिक्षा, शादी और घर निर्माण जैसे जरूरी अग्रिमों (Advances) के लिए पात्र सदस्यों को केवल तीन दिनों के भीतर पैसा मिल जाता है। इसके साथ ही, श्रम मंत्री ने बताया कि ‘निधि आपके निकट’ कार्यक्रम के माध्यम से लंबित कानूनी और ट्रिब्यूनल विवादों को तेजी से सुलझाया जा रहा है, जिससे लंबित उपभोक्ता मामलों की संख्या अप्रैल 2024 के 4,936 से भारी गिरावट के साथ मार्च 2026 तक महज 2,646 रह गई है।














