ग्रेटर नोएडा (कासना)। ग्रेटर नोएडा के कासना क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है जो ‘नेकी कर दरिया में डाल’ की कहावत को चरितार्थ करता है। यहाँ एक युवक ने सड़क हादसे में घायल अपने दोस्त की जान बचाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया, लेकिन बदले में उसे मदद के बजाय जेल की सलाखें मिलीं। घायल के परिजनों ने जान बचाने वाले दोस्त को ही हमले का आरोपी मानकर पुलिस के हवाले कर दिया। हालांकि, पुलिस की सूझबूझ और गहन छानबीन ने सच सबके सामने ला दिया है।
दोस्ती पर शक: अस्पताल से सीधे थाने पहुँचा मामला
मामला कासना कोतवाली क्षेत्र के लडपुरा गांव का है। यहाँ के निवासी नीरज कुमार अपने दोस्त आकाश के साथ कहीं बाहर गए थे। कुछ समय बाद आकाश ने नीरज के जीजा शिवकुमार को सूचना दी कि नीरज का एक्सीडेंट हो गया है और वह नोएडा के जिम्स अस्पताल में भर्ती है।
अस्पताल पहुँचे परिजनों ने जब नीरज की गंभीर हालत देखी, तो उन्हें दुर्घटना के बजाय मारपीट का संदेह हुआ। जीजा शिवकुमार को लगा कि आकाश ने ही नीरज के साथ जानलेवा मारपीट की है। शक के आधार पर उन्होंने आव देखा न ताव, तुरंत कासना थाने में आकाश के खिलाफ मारपीट का मुकदमा दर्ज करा दिया और उसे खुद पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
एंबुलेंस ड्राइवर और चश्मदीदों ने पलटी कहानी
कासना पुलिस ने जब मामले की तफ्तीश शुरू की, तो कड़ियाँ आपस में जुड़ने लगीं। पुलिस ने सबसे पहले उस एंबुलेंस के चालक को तलाशा जो नीरज को अस्पताल लेकर आया था। इसके बाद घटनास्थल का निरीक्षण किया गया और वहां मौजूद लोगों के बयान दर्ज किए गए।
जांच में पता चला कि हादसा कासना में नहीं, बल्कि बुलंदशहर के सिकंदराबाद क्षेत्र स्थित सराय जगन्नाथपुर गांव में दोपहर करीब 3 बजे हुआ था। बाइक सवार दोनों दोस्त सड़क हादसे का शिकार हुए थे, जिसमें नीरज को गंभीर चोटें आईं, जबकि आकाश को मामूली चोटें लगी थीं। घायल दोस्त को तड़पता देख आकाश ने अपनी चोट की परवाह किए बिना उसे तुरंत अस्पताल पहुँचाया।
पुलिस ने हटाईं धाराएं, चर्चा में मामला
सच्चाई सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आकाश पर लगाई गई मारपीट और अन्य गंभीर धाराओं को हटा दिया है। कासना पुलिस के मुताबिक, यह पूरी तरह से एक सड़क दुर्घटना थी और आकाश निर्दोष है।
अब इलाके में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है कि कैसे जल्दबाजी में लिया गया फैसला एक बेगुनाह को सलाखों के पीछे पहुँचा सकता था। पुलिस अब इस मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी कर रही है।















