Varanasi: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में आयोजित बीजेपी के शक्ति सम्मेलन में अपने संबोधन के दौरान कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत के साथ शुरू हुए इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी ने ‘विकसित भारत’ की संकल्पना को साकार करने की बात की। उन्होंने कहा कि काशी में विकास और विरासत का अद्भुत संगम हो रहा है, जो पूरे देश के लिए एक प्रेरणा बन रहा है।
बता दें, मुख्यमंत्री योगी ने अपने संबोधन में यह भी स्पष्ट किया कि देश में केवल चार जातियां हैं – नारी, गरीब, युवा और अन्नदाता। उनका कहना था कि इन चार जातियों के विकास के लिए सरकार काम कर रही है और समग्र विकास की धारणा को बढ़ावा दिया जा रहा है। काशी को इस दिशा में नई सौगात मिलने की बात उन्होंने कही, साथ ही यह भी कहा कि काशी पूरी दुनिया के लिए एक आकर्षण केंद्र बन चुकी है।
उन्होंने महिला आरक्षण पर विपक्ष की ‘कुत्सित कोशिशों’ का भी विरोध किया और कहा कि महिला आरक्षण को रोकने की जो भी कोशिश की जा रही है, वह देश की आधी आबादी के आक्रोश को और बढ़ा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि देश की आधी आबादी प्रधानमंत्री मोदी के साथ खड़ी है, और इस आंदोलन को नकारात्मक रवैया अपनाने वालों से किसी भी हाल में पीछे नहीं हटने दिया जाएगा।
योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि काशी अब एक नए कलेवर में सामने आ रहा है, जो न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया के लिए विकास और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बनेगा। उनके अनुसार, काशी में हो रहे परिवर्तनों से पूरे देश को लाभ होगा और यह नए भारत की पहचान को और मजबूत करेगा।
इस संबोधन में मुख्यमंत्री योगी ने काशी के विकास के लिए सरकार की योजनाओं को साझा किया और बताया कि यह शहर अब नए विकास की दिशा में अग्रसर है। काशी के नागरिकों को विकास की नई सौगात मिल रही है और यहां के जीवन स्तर में तेजी से सुधार होगा।
प्रधानमंत्री मोदी के साथ काशी की यह यात्रा केवल एक राजनीतिक अभियान नहीं, बल्कि एक समाजिक और सांस्कृतिक परिवर्तन की दिशा में बढ़ता हुआ कदम है। मुख्यमंत्री ने इसे ‘नए भारत’ के दृष्टिकोण से देखा, जो हर क्षेत्र में समग्र विकास और समाज के हर वर्ग के सशक्तिकरण की दिशा में काम कर रहा है।














