उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। संसद में प्रधानमंत्री को ‘मित्र’ कहे जाने के मामले पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उनका माइक बंद हो गया था, लेकिन उन्होंने साफ तौर पर कहा था कि “हमें ऐसे मित्र नहीं चाहिए।”
बता दें, अखिलेश यादव ने आगे कहा कि अगर किसी तरह की मदद की बात की जा रही है तो इसका जवाब प्रधानमंत्री से पूछा जाना चाहिए, क्योंकि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी जानकारी में ऐसी कोई मदद नहीं है।
सपा प्रमुख ने केंद्र और सत्ताधारी दल पर भी निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक माहौल को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा, “सबको चौकन्ना रहना चाहिए, हार के डर से कुछ भी किया जा सकता है।”
अखिलेश यादव ने महिला आरक्षण मुद्दे पर भी सरकार को घेरा और आरोप लगाया कि इसके नाम पर राजनीतिक रणनीति और साजिशें की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जनता को भ्रमित करने की कोशिश हो रही है और विपक्ष को कमजोर दिखाने का प्रयास किया जा रहा है।
उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर गर्माहट बढ़ गई है और सत्तापक्ष तथा विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।













