कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में जमीन के विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। बिधनू थाना क्षेत्र के दहेली उजागर गांव में बुधवार दोपहर तीन बीघा 11 बिस्वा जमीन को लेकर जमकर विवाद हुआ। इस दौरान एक पक्ष की ओर से कई राउंड फायरिंग की गई, जिसमें पिता-पुत्र समेत चार लोग घायल हो गए। घायलों में एक युवक की हालत गंभीर बताई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, सेन पश्चिम पारा के रमजीपुरवा औंधा निवासी अखिलेश राजपूत ने वर्ष 2024 में अपने पिता रोशन लाल के नाम पर दहेली उजागर गांव में तीन बीघा जमीन खरीदी थी। इसी जमीन के बगल में करीब दो महीने पहले गांव के मुन्ना सिंह राठौर ने भी दो बीघा जमीन खरीदी थी।
आरोप है कि मुन्ना सिंह राठौर ने अखिलेश की जमीन के कुछ हिस्से पर कब्जा कर लिया था। इसी विवाद को लेकर बुधवार दोपहर अखिलेश अपने बेटे शीबू, भाई महेश राजपूत और भतीजे साहिल के साथ जमीन देखने पहुंचे थे।
बताया जा रहा है कि परिवार के लोग जमीन की मेढ़ पर खड़े थे, तभी मुन्ना सिंह राठौर अपने रिश्तेदार शशिकांत राठौर, सागर पाल और तीन-चार अन्य लोगों के साथ वहां पहुंच गया। आरोप है कि सभी लोग डबल बैरल बंदूक समेत अन्य असलहों से लैस थे। कहासुनी के बाद आरोपितों ने कई राउंड फायरिंग कर दी।
फायरिंग में अखिलेश राजपूत के दाएं पैर, उनके बेटे शीबू के दाएं पैर और महेश के बेटे साहिल के कमर के नीचे गोली लगी। वहीं महेश के हाथ-पैर में गोली के छर्रे लगे। गिरने से उनके सिर पर भी चोट आई।
घटना के बाद सभी घायलों को बिधनू सीएचसी ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें एलएलआर अस्पताल रेफर कर दिया गया। साहिल की हालत गंभीर होने पर पुलिस उसे हैलट अस्पताल लेकर पहुंची। घटना की सूचना मिलते ही डीसीपी साउथ समेत पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की।
पुलिसकर्मियों पर भी हो सकती है कार्रवाई
पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि आरोपितों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जमीन विवाद का मामला पहले भी थाने पहुंचा था। यदि जांच में सामने आया कि पुलिस ने शिकायत मिलने के बावजूद कार्रवाई नहीं की थी, तो संबंधित पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जाएगा।














