देश की राजधानी नई दिल्ली में लोकसभा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने अपने बेहद आक्रामक भाषण से सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। सदन में छात्रों के मुद्दों, पेपर लीक और विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुए लाठीचार्ज पर बोलते हुए उन्होंने सरकार पर तीखा प्रहार किया। प्रियंका गांधी ने दो टूक कहा कि सरकार युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है, लेकिन विपक्ष ऐसा कभी नहीं होने देगी।

घायल छात्रों से अपनी मुलाकात का जिक्र करते हुए प्रियंका गांधी ने भावुक और कड़े शब्दों में सवाल उठाया कि आखिर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज करने और पैलेट गन चलाने की क्या आवश्यकता थी? उन्होंने सरकार से तीखे सवाल पूछते हुए कहा, “क्या आंदोलन करने वाले लोग आतंकवादी होते हैं? क्या हमारे देश के छात्र आतंकवादी थे? प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को इस बर्बरता का जवाब देना होगा।” उन्होंने कहा कि सदन किसी की जागीर नहीं है, बल्कि देश की अमानत है।

शिक्षा तंत्र और पेपर लीक पर गंभीर आरोप

सदन में सरकार को घेरते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि देश का शिक्षा तंत्र पूरी तरह पटरी से उतर चुका है और इसमें आरएसएस के प्रचारकों को भरा जा रहा है। उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का जिक्र करते हुए कहा कि पेपर लीक के मामलों में एक भी असली दोषी को सजा नहीं मिली है और नया लाया गया बिल इन समस्याओं को रोकने में नाकाम साबित होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सलाह दी कि वे अपने सलाहकारों को बदलें क्योंकि नए-नए वीडियो बनाने से कुछ नहीं बदलने वाला है। अपने भाषण के अंत में उन्होंने हुंकार भरते हुए कहा कि विपक्ष के लोग अपनी जान दे देंगे, लेकिन देश को कभी हारने नहीं देंगे।

“एक प्रधान ने एक प्रधानमंत्री को बचा लिया”,जब लोकसभा में जमकर गरजे Akhilesh Yadav

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