Saudi Arabia News: सऊदी अरब में दो बांग्लादेशी नागरिकों को फांसी दिए जाने के मामले ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बांग्लादेशी मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक, मक्का की मस्जिद अल-हरम में सफाई कर्मचारी के रूप में काम करने वाले नजरुल इस्लाम को 2023 में गिरफ्तार किया गया था। अब उसकी मौत के बाद परिवार ने न्यायिक प्रक्रिया और घटना की जानकारी को लेकर सवाल उठाए हैं। सबसे दर्दनाक है उसकी मां की गुहार, जो आखिरी बार अपने बेटे का चेहरा देखने और उसके शव को छूने की इच्छा जता रही हैं।
सऊदी में बांग्लादेशी कपल को फांसी की सजा !
सऊदी अरब में फांसी पाए बांग्लादेशी युवक की मौत पर उठे गंभीर सवाल, मां बोली एक बार बेटे का शव छूना चाहती हूं!
तीन साल से जेल में बंद था नजरुल, फांसी से तीन दिन पहले मां से हुई थी आखिरी बातचीत
सऊदी अरब में दो बांग्लादेशी नागरिकों को फांसी दिए जाने के मामले में बांग्लादेशी मीडिया की रिपोर्टों से कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं।
मक्का की मस्जिद अल-हरम में सफाई कर्मचारी के रूप में काम करने वाले नजरुल इस्लाम को 2023 में एक महिला के साथ कथित अनैतिक गतिविधि के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
नजरुल की मां का कहना है कि 11 अक्टूबर को बेटे से उनकी आखिरी बातचीत हुई थी। तीन दिन बाद उसे फांसी दे दी गई। परिवार को पहले कोई सूचना नहीं मिली।
नजरुल के दोस्त ने दावा किया है कि वह खुद को निर्दोष बताता था और भाषा की समस्या के कारण अपना पक्ष ठीक से नहीं रख सका।
अब बांग्लादेश सरकार ने सऊदी अरब से अदालत के फैसले की प्रति और पूरे घटनाक्रम का विवरण मांगा है।
सबसे बड़ा सवाल है आखिर अदालत में ऐसा कौन-सा अपराध साबित हुआ था, जिसके लिए दो लोगों को मौत की सजा दी गई?
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— भारत समाचार | Bharat Samachar (@bstvlive) October 20, 2026
फांसी से तीन दिन पहले हुई थी मां से आखिरी बातचीत
बांग्लादेशी मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, नजरुल इस्लाम की मां ने बताया कि 11 अक्टूबर को उनकी बेटे से आखिरी बार बातचीत हुई थी। इसके तीन दिन बाद उसे फांसी दिए जाने की जानकारी सामने आई। परिवार का दावा है कि उन्हें पहले से इसकी सूचना नहीं दी गई थी।
एक मां के लिए बेटे की मौत की खबर से बड़ा दुख शायद ही कोई हो, लेकिन जब मौत की परिस्थितियों और अंतिम संस्कार से जुड़ी जानकारी भी स्पष्ट न हो, तो यह पीड़ा और बढ़ जाती है। नजरुल की मां की अपने बेटे के शव को एक बार छूने की इच्छा इसी दर्द को बयां करती है।
2023 में हुई थी नजरुल की गिरफ्तारी
रिपोर्टों के मुताबिक, नजरुल इस्लाम मक्का की मस्जिद अल-हरम में सफाई कर्मचारी के तौर पर काम करता था। उसे 2023 में एक महिला के साथ कथित अनैतिक गतिविधि के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
हालांकि, इस मामले में अदालत के सामने कौन-कौन से साक्ष्य पेश किए गए, सुनवाई के दौरान क्या दलीलें दी गईं और मौत की सजा किस आधार पर सुनाई गई, इन सवालों के जवाब सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं हैं।
दोस्त ने भाषा की समस्या का किया दावा
नजरुल के एक दोस्त ने दावा किया कि वह खुद को निर्दोष बताता था। दोस्त के मुताबिक, भाषा की समस्या के कारण नजरुल अपना पक्ष ठीक से नहीं रख सका।
यह दावा मामले में निष्पक्ष सुनवाई और आरोपी को अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर मिलने जैसे सवालों को सामने लाता है। हालांकि, अदालत की कार्यवाही और फैसले की प्रति उपलब्ध हुए बिना इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की जा सकती।
बांग्लादेश सरकार ने सऊदी अरब से मांगा जवाब
मामले को लेकर बांग्लादेश सरकार ने सऊदी अरब से अदालत के फैसले की प्रति और पूरे घटनाक्रम का विवरण मांगा है। इससे मामले की न्यायिक प्रक्रिया और फांसी से पहले परिवार को सूचना दिए जाने से जुड़े पहलुओं पर स्पष्टता आने की उम्मीद है।
दो बांग्लादेशी नागरिकों को मौत की सजा दिए जाने के इस मामले में अब सबसे अहम सवाल यही है कि अदालत ने किन आरोपों और साक्ष्यों के आधार पर फैसला सुनाया था। साथ ही, परिवार को फांसी की जानकारी कब दी गई और मृतकों के शव सौंपने को लेकर क्या प्रक्रिया अपनाई गई, इन पहलुओं पर भी आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
फिलहाल, नजरुल की मां की अपने बेटे को आखिरी बार देखने की इच्छा इस पूरे मामले का सबसे भावुक पहलू बन गई है। परिवार को अब उन सवालों के जवाब मिलने का इंतजार है, जो एक बेटे की मौत के बाद भी अनसुलझे हैं।



