नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी ने समूह की भविष्य की रणनीति का खुलासा किया है। ‘नेशन बिल्डिंग’ (राष्ट्र निर्माण) के संकल्प को दोहराते हुए उन्होंने घोषणा की कि समूह का विकास अब केवल संपत्तियों के निर्माण से नहीं, बल्कि लोगों के जीवन स्तर में सुधार और स्थानीय रोजगार से मापा जाएगा।
‘आप कर्मचारी नहीं, राष्ट्र निर्माता हैं’
अडानी समूह के करीब 4 लाख कर्मचारियों, सहयोगियों और ठेकेदारों को संबोधित करते हुए गौतम अडानी ने कहा, “आप केवल कर्मचारी नहीं हैं, आप राष्ट्र निर्माता हैं। जब हम कोई प्रोजेक्ट पूरा करते हैं, तो हम केवल काम पूरा नहीं कर रहे होते, बल्कि देश का भविष्य संवार रहे होते हैं।”
श्रमिक कल्याण के लिए बड़े कदम
समूह ने श्रमिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण बुनियादी सुविधाओं की घोषणा की है:
- आधुनिक आवास: गुजरात के मुंद्रा और खावड़ा में 50,000 श्रमिकों के लिए वातानुकूलित (Air-conditioned) आवास बनाए जा रहे हैं।
- क्लाउड किचन: मुंद्रा में एक विशाल क्लाउड किचन स्थापित किया जा रहा है, जहाँ से प्रतिदिन 1,00,000 पौष्टिक भोजन परोसे जाएंगे।
- स्थानीय रोजगार को प्राथमिकता: प्रोजेक्ट साइट्स पर भर्ती के लिए सबसे पहले स्थानीय समुदायों को प्राथमिकता दी जाएगी, उसके बाद राज्य और फिर अन्य क्षेत्रों के उम्मीदवारों को अवसर मिलेगा।
निर्णय लेने की गति में होगा सुधार: 3-लेयर मॉडल
अडानी ने संगठन को अधिक चुस्त और जवाबदेह बनाने के लिए ‘थ्री-लेयर स्ट्रक्चर’ लागू करने की बात कही। इसका उद्देश्य निर्णय लेने की प्रक्रिया को सरल बनाना है, ताकि साइट पर होने वाले फैसले जिनमें पहले कई दिन लगते थे, अब घंटों में पूरे हो सकें।
उद्यमिता को बढ़ावा और पार्टनरशिप मॉडल
समूह अब कम लेकिन बड़े और विश्वसनीय ठेकेदारों के साथ लंबी अवधि की साझेदारी करेगा। गौतम अडानी ने कच्छ के हधुभाई रबारी का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे एक टैंकर से शुरुआत करने वाले व्यक्ति ने अडानी समूह के साथ जुड़कर एक बड़ा उद्यम खड़ा किया। उन्होंने कहा कि समूह केवल कॉन्ट्रैक्ट साइन नहीं करना चाहता, बल्कि दीर्घकालिक पार्टनरशिप बनाना चाहता है।
कौशल विकास (Skill Development)
श्रमिकों के करियर विकास के लिए अडानी स्किल्स सेंटर की स्थापना की जाएगी। चेयरमैन ने ‘सुब्बू’ नाम के एक कर्मचारी की प्रेरक कहानी साझा की, जिसने एक श्रमिक के रूप में शुरुआत की थी और अपने कौशल के दम पर आज कॉर्पोरेट भूमिका तक पहुँचा है।
राष्ट्रीय विकास के स्तंभ
हाल ही में शुरू हुए गंगा एक्सप्रेसवे, मुंद्रा पोर्ट, खावड़ा रिन्यूएबल एनर्जी पार्क और नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसे प्रोजेक्ट्स का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ये केवल व्यापारिक संपत्तियां नहीं हैं, बल्कि भारत की लॉजिस्टिक्स और ऊर्जा सुरक्षा की रीढ़ हैं।
मजबूत नकदी प्रवाह (Liquidity) और पूंजी तक आसान पहुंच के साथ, अडानी समूह अब अपने पूंजीगत व्यय (Capex) को तेज करने और देश की आर्थिक प्रगति में अपनी भागीदारी बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार है।



