नई दिल्ली : अदाणी न्यू इंडस्ट्रीज लिमिटेड (ANIL) की सोलर मैन्युफैक्चरिंग शाखा, ‘अदाणी सोलर’ ने वैश्विक स्तर पर भारत का मान बढ़ाया है। एनर्जी रिसर्च और कंसल्टेंसी फर्म वुड मैकेंज़ी (Wood Mackenzie) की ‘ग्लोबल सोलर फोटोवोल्टिक (PV) मॉड्यूल मैन्युफैक्चरर रैंकिंग 2026’ में अदाणी सोलर को दुनिया भर में छठा स्थान मिला है। इस सालाना असेसमेंट में अदाणी सोलर सबसे ऊंची रैंक हासिल करने वाली भारतीय कंपनी बनकर उभरी है।

आठवें से छठे स्थान पर पहुंची कंपनी, मिला ‘ग्रेड A’
कंपनी ने पिछली रैंकिंग के मुकाबले अपने प्रदर्शन में सुधार किया है, जहां वह आठवें स्थान पर थी। इस स्टडी में दुनिया भर के 48 सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरर्स के वित्तीय प्रदर्शन, टेक्नोलॉजी मैच्योरिटी, सप्लाई चेन और ऑपरेशनल मजबूती जैसे कड़े पैरामीटर्स का मूल्यांकन किया गया था। वुड मैकेंज़ी ने बेहतरीन प्रदर्शन के लिए अडानी सोलर को ‘ग्रेड A’ क्लासिफिकेशन दिया है। इस लिस्ट में चीनी कंपनियाँ शीर्ष पर हैं, जिनमें लॉन्गी ग्रीन एनर्जी सबसे ऊपर है, जिसके बाद जिंको सोलर, जेए सोलर और ट्रिनासोलर शामिल हैं। अडानी सोलर इस ग्लोबल टॉप-10 में जगह बनाने वाली एकमात्र भारतीय मैन्युफैक्चरर है।

मुंद्रा में 10 GW सालाना क्षमता विस्तार की तैयारी
अदाणी सोलर की खासियत इसकी इंटीग्रेटेड वैल्यू चेन है, जिसमें इंगोट, वेफर, सोलर सेल और फिनिश्ड मॉड्यूल का इन-हाउस निर्माण शामिल है। वर्तमान में कंपनी गुजरात के मुंद्रा में अपनी इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी को 10 गीगावाट (GW) सालाना क्षमता तक बढ़ाने के उन्नत चरण में है। इसके अलावा, कंपनी को 2026 की दूसरी तिमाही में ब्लूमबर्गNEF टियर-1 मैन्युफैक्चरर के तौर पर भी पहचान मिली है।
सौर ऊर्जा क्षेत्र में भारत की ऐतिहासिक छलांग
यह रैंकिंग ऐसे समय में आई है जब भारत क्लीन एनर्जी के मामले में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। देश की सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता 2014 में 2.5 GW से कम थी, जो 2026 में बढ़कर 170 GW से अधिक हो गई है। भारत सालाना सोलर क्षमता बढ़ाने के मामले में अमेरिका (US) को पीछे छोड़कर दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोलर ग्रोथ मार्केट बन गया है। 155 GW से अधिक की स्थापित सौर क्षमता के साथ भारत अपने गैर-जीवाश्म ईंधन (Non-Fossil Fuel) लक्ष्यों को समय से पहले पूरा करने की ओर अग्रसर है।













