दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार तरंजित सिंह संधू ने राजधानी की झुग्गी-झोपड़ी (JJ) बस्तियों के कायाकल्प और पुनर्वास योजनाओं की प्रगति की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान LG ने ‘दिल्ली स्लम और JJ पुनर्वास एवं स्थानांतरण नीति 2026’ के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया। झुग्गीवासियों को बड़ी राहत देते हुए पात्रता निर्धारण के लिए कट-ऑफ तिथि को बढ़ाकर 01 जनवरी 2025 कर दिया गया है, जिससे अधिक से अधिक प्रभावित परिवारों को योजना का लाभ मिल सके।
बता दें, उपराज्यपाल ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि पुनर्वास प्रक्रियाओं में ‘इन-सीटू’ पुनर्विकास यानी जहां झुग्गी है, वहीं पक्के मकान देने की मॉडल नीति को प्राथमिकता दी जाए। इसके साथ ही नए आवास परिसरों में पेयजल, बिजली, जल निकासी और सड़कों जैसी जरूरी नागरिक बुनियादी सुविधाओं का पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने को कहा गया है। जहां इन-सीटू निर्माण संभव न हो, वहां उपयुक्त वैकल्पिक आवास की पारदर्शी व्यवस्था की जाएगी।
राजधानी को आधुनिक और समावेशी बनाने के विजन को रेखांकित करते हुए उपराज्यपाल संधू ने कहा कि ‘विकसित दिल्ली’ के निर्माण में कोई भी पात्र गरीब परिवार पीछे नहीं छूटना चाहिए। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे झुग्गी बस्तियों के निवासियों से सीधा संवाद बनाए रखें और उनकी समस्याओं व शिकायतों का बिना किसी देरी के त्वरित समाधान करें।












