लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केरल के वायनाड जिले में हुई लैंडस्लाइड की घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। वायनाड, जो उनका पूर्व निर्वाचन क्षेत्र भी रहा है, वहां मंगलवार को मेप्पाडी ग्राम पंचायत के कल्लडी टनल कंस्ट्रक्शन साइट पर हुए भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। इस हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि सात अन्य लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर अपना दुख साझा करते हुए कहा, “वायनाड में लैंडस्लाइड की खबर बहुत दुखद है। मैं उन परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं जिन्होंने अपनों को खोया है।” उन्होंने राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने की बात दोहराते हुए सभी कांग्रेस और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) के कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे इस कठिन समय में राज्य प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर प्रभावितों की हर संभव मदद करें।
बता दें, अधिकारियों के अनुसार कल्लाडी-अनक्कमपोइल टनल साइट पर मीनाक्षी ब्रिज के पास हुए इस भूस्खलन में 18 लोग फंस गए थे। नौ घायलों को तत्काल मेप्पाडी के WIMS हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, जबकि लापता लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन युद्धस्तर पर जारी है। इस घटना के कारण मेप्पाडी-चूरलमाला मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया है।
महाराष्ट्र और हिमाचल में भी कुदरत का कहर
राहुल गांधी ने केवल वायनाड ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से हुई मौतों पर भी शोक जताया है। पिछले कुछ दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने इन राज्यों में भी सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है।
पुणे जिले में बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है। पाटन में लैंडस्लाइड से तीन, पिंपरी-चिंचवड़ में दीवार गिरने से एक और खेड़ तहसील में पानी के तेज बहाव में बहने से एक व्यक्ति की जान गई है।
राहुल गांधी ने कांग्रेस के स्थानीय कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया है कि वे आपदा प्रबंधन में प्रशासन का पूरा सहयोग करें। उन्होंने आम जनता से भी सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया है।
इस चुनौतीपूर्ण समय में राहुल गांधी ने लोगों की सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए संकट की इस घड़ी में हर प्रभावित परिवार के साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया है।



