Lucknow : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके से सोमवार दोपहर सामने आया कोचिंग सेंटर का अग्निकांड अब राज्य के इतिहास की सबसे दर्दनाक और भीषण महात्रासदियों में तब्दील हो चुका है। इस खौफनाक हादसे में अब तक 14 छात्र-छात्राओं की जिंदा जलने के कारण अत्यंत दर्दनाक मौत हो चुकी है। इमारत के भीतर लगी आग और उठते जहरीले काले धुएं ने वहां पढ़ रहे मासूमों को संभलने का मौका तक नहीं दिया। राहत और बचाव कार्य में जुटी टीमों ने अब तक 16 से ज्यादा गंभीर रूप से झुलसे हुए स्टूडेंट्स को रेस्क्यू कर बाहर निकाला है।
कैमरे के सामने फूट-फूट कर रो पड़े डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक
घटनास्थल पर शुरू से मौजूद प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक बिल्डिंग से निकल रहे छात्रों के शवों और घायलों की हालत देखकर अपने आंसुओं को रोक नहीं पाए। मीडिया से बातचीत करते हुए डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक कैमरे के सामने ही फूट-फूट कर रोने लगे। उन्होंने बेहद भावुक स्वर में कहा, “यह घटना अत्यंत हृदयविदारक है। मारे गए लोगों में अधिकांश हमारे मासूम छात्र हैं जो यहां अपने भविष्य को संवारने आए थे। बच्चों को बचाना हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता थी, लेकिन इस दुखद अंत ने सबको झकझोर कर रख दिया है।”
16 झुलसे छात्र अस्पताल में भर्ती, तबाही का खौफनाक मंजर
दमकल की 14 से अधिक गाड़ियों और सुरक्षाबलों ने दीवारें तोड़कर और हाइड्रोलिक लिफ्ट की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। अब तक बाहर निकाले गए 16 से अधिक झुलसे छात्रों को तुरंत केजीएमयू (KGMU) ट्रामा सेंटर और नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कई बच्चों की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मरने वाले और फंसे हुए लोगों में अधिकांश छात्र-छात्राएं ही हैं, जो कंप्यूटर और लाइब्रेरी क्लास के लिए बिल्डिंग के ऊपरी फ्लोर पर मौजूद थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है और वे अलीगढ़ का अपना दौरा रद्द कर सीधे लखनऊ लौट रहे हैं। प्रशासन ने पूरी घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं।



