अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा मामले की SIT जांच में एक नया और सनसनीखेज पेंच सामने आया है। प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर जौनपुर के विश्वकर्मा परिवार की ओर से भगवान रामलला को उपहार में दिए गए बहुमूल्य हार और चरण पादुका का कोई स्पष्ट रिकॉर्ड या रसीद नहीं मिल रही है। SIT अब इन्हीं कीमती वस्तुओं की असल लोकेशन का पता लगाने में जुटी है।
जानकारी के अनुसार, जांच के चौथे दिन SIT ने इस बहुमूल्य हार और चरण पादुका का पता लगाने की गहन कोशिश की, लेकिन अब तक कोई ठोस जानकारी हाथ नहीं लग पाई है। इस सिलसिले में रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, कृष्णदेव तिवारी और रामलला के चार पुजारियों से विस्तृत पूछताछ की गई है। पूछताछ के दौरान पुजारी मोहित पांडेय ने SIT को बताया कि उन्होंने भगवान रामलला को हार पहनाने के बाद उसे वापस टिन्नू को सौंप दिया था।
वहीं, टिन्नू का दावा है कि हार को ईंट के रूप में गलाने के लिए बेंगलुरु भेज दिया गया था। आरोप है कि हार पर लगी चरण पादुका को गलाकर सोना हजम कर लिया गया और इसके पीछे एक संगठित सिंडिकेट सक्रिय था। अब SIT इन तमाम दावों की पड़ताल कर रही है और जल्द ही इस रहस्य से पर्दा उठने की उम्मीद है।












