अयोध्या/नई दिल्ली: राम मंदिर में चढ़ावे और दान राशि में कथित हेरफेर का मामला अब राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गया है। कांग्रेस के संगठन महासचिव और पब्लिक अकाउंट्स कमेटी (PAC) के प्रमुख केसी वेणुगोपाल ने इस मामले में सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर हड़कंप मचा दिया है। वेणुगोपाल ने इस कथित घोटाले को ‘हिंदू आस्था के साथ बड़ा धोखा’ करार देते हुए इसकी सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच की मांग की है।
‘सिस्टम की मिलीभगत से संभव हुई लूट’
प्रधानमंत्री को भेजी गई चिट्ठी में वेणुगोपाल ने तीखे प्रहार करते हुए कहा कि यह केवल कुछ कर्मचारियों का अपराध नहीं है, बल्कि एक संगठित रैकेट है जिसे ‘इंस्टीट्यूशनल सपोर्ट’ प्राप्त था। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर के चढ़ावे में हेरफेर करने के लिए 7 से 8 महीने का महत्वपूर्ण CCTV फुटेज जानबूझकर नष्ट किया गया, जो बड़े स्तर पर मिलीभगत की ओर इशारा करता है।
SIT को बताया ‘दिखावा’
कांग्रेस नेता ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि SIT जांच केवल एक दिखावा है, जिसमें अब तक केवल छोटे कर्मचारियों को ही निशाना बनाया गया है। वेणुगोपाल ने तर्क दिया कि SIT न तो इतनी सक्षम है और न ही इतनी स्वतंत्र कि वह उन प्रभावशाली लोगों तक पहुँच सके जो इस पूरे करोड़ों के गबन के पीछे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि चूंकि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन भारत सरकार द्वारा किया गया है, इसलिए इसकी जवाबदेही भी सरकार की ही बनती है।















